नई दिल्ली- देश की आगामी जनगणना को लेकर केंद्र सरकार ने प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए जनसंख्या गणना के लिए प्रश्नावली जारी कर दी है। इस बार लोगों से कुल 40 तरह की जानकारियां जुटाई जाएंगी। खास बात यह है कि स्वतंत्र भारत में पहली बार जनगणना के दौरान जाति से जुड़े आंकड़े भी दर्ज किए जाएंगे। इसके अलावा नागरिकों से शिक्षा, रोजगार, प्रवास, भाषा, धर्म, बैंक खाते और डिजिटल साक्षरता से जुड़ी जानकारी ली जाएगी। आधार, मोबाइल नंबर, वोटर आईडी, पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस जैसी जानकारियां भी उपलब्ध होने पर मांगी जाएंगी।
पहले चरण में इन इलाकों में होगी जनसंख्या गणना
लद्दाख के साथ जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बर्फीले इलाकों में जनसंख्या गणना 1 सितंबर से 30 सितंबर के बीच कराई जाएगी। इससे पहले 17 से 31 अगस्त तक लोगों को ऑनलाइन स्व-गणना की सुविधा भी दी जाएगी। देश के बाकी हिस्सों में जनसंख्या गणना अगले साल निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होगी।
जाति और सामाजिक स्थिति से जुड़े सवाल भी शामिल
नई प्रश्नावली में नागरिकों से पूछा जाएगा कि वे अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या किसी अन्य जाति से संबंधित हैं या नहीं। इसके साथ धर्म, राष्ट्रीयता, लिंग, वैवाहिक स्थिति, जन्म तिथि और परिवार में व्यक्ति की स्थिति जैसी जानकारी भी दर्ज की जाएगी। पिता और माता की जानकारी, जन्म स्थान और स्थायी पता भी प्रश्नावली का हिस्सा हैं। इस बार जातिगत आंकड़े जुटाए जाने को जनगणना की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक माना जा रहा है।
पढ़ाई और नौकरी की पूरी जानकारी होगी दर्ज
जनगणना में लोगों की मातृभाषा, अन्य भाषाओं का ज्ञान, साक्षरता और डिजिटल साक्षरता के बारे में भी जानकारी ली जाएगी। यह भी पूछा जाएगा कि व्यक्ति किसी शैक्षणिक संस्थान में पढ़ रहा है या नहीं और उसकी सबसे ऊंची शैक्षणिक योग्यता क्या है। रोजगार को लेकर भी कई सवाल रखे गए हैं। व्यक्ति का पेशा, काम का क्षेत्र, रोजगार की श्रेणी, काम की तलाश और कार्यस्थल तक पहुंचने के साधन जैसी जानकारियां दर्ज की जाएंगी।
प्रवास और परिवार से जुड़े सवाल भी होंगे
जनगणना के दौरान यह भी पूछा जाएगा कि व्यक्ति का जन्म कहां हुआ, इससे पहले वह कहां रहता था और वर्तमान स्थान पर कब से रह रहा है। अगर किसी ने स्थान बदला है तो प्रवास का मुख्य कारण भी दर्ज किया जाएगा।विवाहित, विधवा या तलाकशुदा महिलाओं से जीवित बच्चों और पिछले एक साल में जन्मे बच्चों से संबंधित जानकारी भी ली जाएगी। इससे देश में जनसंख्या और प्रवास के पैटर्न को समझने में मदद मिलेगी।
कोविड वैक्सीन से बैंक खाते और दस्तावेज तक
प्रश्नावली में कोविड-19 का टीकाकरण कहां कराया गया था, यह सवाल भी शामिल है। इसके अलावा लोगों से उनके बैंक खातों की संख्या और उपलब्ध होने पर मोबाइल नंबर मांगा जाएगा।
आधार नंबर, वोटर आईडी, भारतीय पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस की जानकारी भी प्रश्नावली में शामिल है। सरकार के मुताबिक पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संचालित की जाएगी, जिससे जनगणना के आंकड़ों को आधुनिक डिजिटल डेटाबेस के रूप में तैयार किया जा सके।