नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के हल्द्वानी में कथित शुद्धिकरण हवन के आरोप पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि अगर खरगे ने राज्यसभा में इस मुद्दे पर चिंता जताई है तो मामला गंभीर है। चिराग ने कहा कि ऐसी घटना वास्तव में हुई है तो उत्तराखंड सरकार को इसकी जांच करानी चाहिए। उन्होंने दलितों के साथ भेदभाव की घटनाओं पर भी चिंता जताई।
चिराग बोले- शिकायत गंभीर है तो जांच जरूरी
चिराग पासवान ने कहा कि उन्हें घटना की पुष्टि की जानकारी नहीं है, लेकिन खरगे देश की बड़ी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता हैं। ऐसे में अगर उन्होंने किसी घटना को लेकर चिंता जताई है तो उसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए। चिराग ने साफ कहा कि मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए जांच जरूरी है।
दलितों से भेदभाव के मामलों का किया जिक्र
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आज भी देश के कई हिस्सों में दलित होने के कारण लोगों के साथ भेदभाव के मामले सामने आते हैं। उन्होंने घोड़ी पर चढ़ने से रोकने, बारात निकालने में बाधा डालने और मंदिर में प्रवेश के बाद परिसर धुलवाने जैसी घटनाओं का उदाहरण दिया। चिराग ने कहा कि अगर हल्द्वानी में भी ऐसी घटना हुई है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
सदन में हंगामे को लेकर विपक्ष पर निशाना
संसद की कार्यवाही बाधित होने के सवाल पर चिराग पासवान ने विपक्ष को घेरा। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से चर्चा कराने के लगातार प्रयास किए गए। चिराग के मुताबिक, संसदीय कार्य मंत्री ने विपक्ष से बातचीत की और गृह मंत्री अमित शाह ने भी सदन में विपक्ष के सवालों का जवाब देने की पेशकश की थी।
'विपक्ष ने पहले से तय कर रखा था कि सदन नहीं चलने देना'
चिराग पासवान ने आरोप लगाया कि विपक्ष अलग-अलग मुद्दों को लेकर सदन की कार्यवाही बाधित करता रहा। उन्होंने कहा कि कभी छात्रों, कभी राम मंदिर और कभी प्रधानमंत्री से माफी या गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई गई। चिराग के मुताबिक, अगर विपक्ष को अमित शाह से सवालों के जवाब चाहिए थे तो उन्हें चर्चा के दौरान सरकार का पक्ष सुनना चाहिए था।
अरुण भारती ने भी कार्रवाई की मांग की
एलजेपी रामविलास सांसद अरुण भारती ने भी खरगे के आरोप पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि दलित होने के कारण किसी व्यक्ति का अपमान किया गया है तो इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने मामले की जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।