Smriti Irani - भारतीय जनता पार्टी की तेजतर्रार नेता और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ( Smriti Irani ) ने कहा कि, उन्हें अमेठी में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव मैदान में इसलिए नहीं उतारा गया था कि, वह महिला हैं, बल्कि पार्टी को लगता था कि केवल वही उन्हें हरा सकती हैं।
मुझे अमेठी इसलिए भेजा गया, क्योंकि मैं राहुल गांधी को हरा सकती थी
रियल एस्टेट डेवलपर्स के संगठन 'क्रेडाई' द्वारा आयोजित सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि, मैं इसकी जगह पुरुष डेवलपर्स के साथ प्रतिस्पर्धा करना पसंद करूंगी। मुझे अमेठी इसलिए नहीं भेजा गया था, क्योंकि मैं एक महिला हूं। मुझे अमेठी इसलिए भेजा गया, क्योंकि मैं एकमात्र व्यक्ति थी जो राहुल गांधी को पराजित कर सकती थी।
क्रेडाई महिला शिखर सम्मेलन में ये कहा...
बीजेपी नेता स्मृति ईरानी ने क्रेडाई महिला एवं युवा नेतृत्व शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए बिल्डरों से कहा कि, वे निर्माण गुणवत्ता से समझौता किए बिना रियल एस्टेट परियोजनाओं को सस्ता रखने पर ध्यान दें। स्मृति ईरानी ने आगे बोलते हुए कहा कि, क्रेडाई से युवा महिलाओं समेत युवाओं को पहली पीढ़ी का रियल एस्टेट 'डेवलपर' बनाने में सहायता करने को बोला।
2019 के लोकसभा चुनाव में स्मृति ईरानी राहुल गांधी को 1 लाख वोटों से हराया था
आपको बता दें कि, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने साल 2019 के लोकसभा चुनाव में गांधी परिवार के गढ़ अमेठी में कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को लगभग 55,000 वोटों के मार्जिन से पराजित किया था। वहीं इससे पहले साल 2014 के लोकसभा चुनाव में स्मृति ईरानी राहुल गांधी के सामने 1 लाख वोटों के अंतर से हार गई थीं।
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