दिल्ली में इस बार मानसून ने अगस्त की शुरुआत में ही ऐसा असर दिखाया है कि पूरे महीने की सामान्य बारिश का आंकड़ा महज आठ दिनों में पार हो गया। राजधानी की प्रमुख मौसम वेधशाला सफदरजंग में अगस्त की शुरुआत से शनिवार शाम तक कुल 230.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 1991 से 2020 के जलवायु आंकड़ों के आधार पर दिल्ली में अगस्त महीने की औसत वर्षा 226.8 मिलीमीटर रहती है। इस तरह महीने का सामान्य वर्षा कोटा आठ दिनों में ही पार हो गया।
शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे तक सफदरजंग में अगस्त की कुल वर्षा 225.7 मिलीमीटर थी। इसके बाद सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे के बीच 4.4 मिलीमीटर अतिरिक्त बारिश दर्ज हुई और कुल आंकड़ा बढ़कर 230.1 मिलीमीटर पहुंच गया। यह आंकड़ा बताता है कि अगस्त के शुरुआती दिनों में ही दिल्ली में बारिश सामान्य मासिक स्तर से आगे निकल चुकी है।
शनिवार को दो साल में सबसे ज्यादा बारिश
शनिवार की बारिश ने दिल्ली के हालिया मानसूनी रिकॉर्ड में भी महत्वपूर्ण स्थान बनाया। सफदरजंग वेधशाला में शनिवार सुबह साढ़े आठ बजे तक पिछले 24 घंटों के दौरान 98.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। यह अगस्त में पिछले दो वर्षों के दौरान किसी एक दिन में दर्ज की गई सबसे अधिक वर्षा रही।
इससे पहले अगस्त में एक दिन में इससे ज्यादा बारिश 1 अगस्त 2024 को दर्ज की गई थी। उस दिन सफदरजंग में 107.6 मिलीमीटर बारिश हुई थी। इस लिहाज से शनिवार की बारिश ने राजधानी में मानसून की सक्रियता को एक बार फिर स्पष्ट कर दिया और मौसम के अचानक बदले तेवर का असर पूरे शहर में दिखाई दिया।
पालम और आयानगर में भी जमकर बरसे बादल
दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में शनिवार को बारिश की तीव्रता अलग-अलग रही। सुबह साढ़े आठ बजे तक पिछले 24 घंटों के दौरान पालम में 104.6 मिलीमीटर, आयानगर में 115 मिलीमीटर, रिज में 89.8 मिलीमीटर और लोधी रोड में 86.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि बारिश केवल मध्य दिल्ली तक सीमित नहीं रही, बल्कि राजधानी के कई इलाकों में भारी वर्षा दर्ज की गई।
सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे के बीच भी बारिश का सिलसिला पूरी तरह थमा नहीं। इस अवधि में आयानगर में सबसे अधिक 16 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। अलग-अलग मौसम केंद्रों के आंकड़े राजधानी में वर्षा के व्यापक प्रभाव को रेखांकित करते हैं।
मानसून के शुरुआती दौर ने बदली अगस्त की तस्वीर
दिल्ली में अगस्त को आमतौर पर मानसून की सक्रियता वाला महीना माना जाता है, लेकिन इस बार शुरुआती आठ दिनों में ही औसत मासिक वर्षा पार हो जाना मौसम की असामान्य सक्रियता को दर्शाता है। सामान्य तौर पर पूरे महीने में होने वाली बारिश जहां धीरे-धीरे अलग-अलग दौर में दर्ज होती है, वहीं इस बार अगस्त की शुरुआत में ही कई दौर में तेज वर्षा हुई है।
इसका सीधा असर राजधानी के तापमान और वातावरण पर भी पड़ा है। लगातार बादल और बारिश के कारण कई मौकों पर तापमान सामान्य स्तर से नीचे रहा, हालांकि बारिश के बीच धूप निकलने पर उमस की स्थिति भी बनी रही। आने वाले दिनों में वर्षा का वितरण यह तय करेगा कि अगस्त का कुल वर्षा आंकड़ा सामान्य औसत से कितनी दूर जाता है।
बारिश ने बढ़ाई जलभराव और जनजीवन प्रभावित होने की चुनौती
दिल्ली में भारी बारिश जहां गर्मी से राहत लेकर आई है, वहीं तेज वर्षा ने जलभराव, यातायात और निचले इलाकों में जल निकासी जैसी चुनौतियों को भी बढ़ाया है। कम समय में बड़ी मात्रा में बारिश होने पर शहर के कई हिस्सों में जल निकासी व्यवस्था पर दबाव बढ़ जाता है। ऐसे में आने वाले दिनों में बारिश की तीव्रता और अवधि दोनों प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण चुनौती बनी रह सकती हैं।
फिलहाल अगस्त की शुरुआत में ही 230.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज होने के बाद दिल्ली का मानसूनी परिदृश्य पूरी तरह बदल गया है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि महीने के बाकी दिनों में बारिश किस रफ्तार से जारी रहती है और क्या राजधानी अगस्त में अपने पुराने वर्षा रिकॉर्ड के करीब पहुंचती है या उससे आगे निकलती है।