E20 Petrol Latest Update: पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और राजनीतिक बयानबाजी में यह दावा तेजी से वायरल हो रहा था कि भूटान ने भारत का E20 पेट्रोल लेने से इनकार कर दिया है। अब इस पूरे मामले पर केंद्र सरकार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए इन दावों को पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया है।
भूटान को E20 पेट्रोल भेजने का कोई प्रस्ताव ही नहीं गया
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत की किसी भी ऑयल मार्केटिंग कंपनी (OMC) ने भूटान को E20 पेट्रोल निर्यात करने का कोई प्रस्ताव नहीं भेजा है। ऐसे में यह कहना कि भूटान ने भारत का E20 पेट्रोल ठुकरा दिया, पूरी तरह निराधार है। मंत्रालय ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर फैक्ट चेक जारी करते हुए लोगों से अपील की कि वे केवल सरकारी और आधिकारिक स्रोतों से जारी जानकारी पर ही भरोसा करें।
विवाद कैसे शुरू हुआ?
दरअसल, कांग्रेस की ओर से दावा किया गया था कि भूटान, नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका ने भारत के E20 ईंधन को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। इसके बाद सोशल मीडिया पर यह मामला तेजी से वायरल हो गया। अब केंद्र सरकार ने इन दावों को तथ्यों के साथ खारिज कर दिया है।
E20 पेट्रोल पूरी तरह सुरक्षित, सरकार ने बताया वैज्ञानिक आधार
सरकार ने यह भी साफ किया कि E20 पेट्रोल को बाजार में लाने से पहले व्यापक स्तर पर लैब टेस्ट, वाहन परीक्षण और फील्ड ट्रायल किए गए थे। सभी जरूरी परीक्षणों के बाद ही इसे देशभर में लागू किया गया। सरकार के अनुसार, देश की प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनियां पहले से ही E20 ईंधन के अनुरूप वाहन तैयार कर रही हैं। यदि वाहन निर्माता E20 के उपयोग की अनुमति देता है, तो इस ईंधन के इस्तेमाल से वाहन की वारंटी भी प्रभावित नहीं होती।
पुराने और नए वाहनों पर भी हुए परीक्षण
सरकार ने बताया कि ARAI, इंडियन ऑयल रिसर्च एंड डेवलपमेंट और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोलियम जैसी संस्थाओं ने पुराने और नए दोनों तरह के वाहनों पर विस्तृत परीक्षण किए हैं। इन परीक्षणों में इंजन की कार्यक्षमता या मजबूती पर कोई गंभीर नकारात्मक असर सामने नहीं आया।
1 अप्रैल 2025 से पूरे देश में लागू है E20
केंद्र सरकार के मुताबिक 1 अप्रैल 2025 से पूरे देश में E20 पेट्रोल का व्यापक उपयोग शुरू हो चुका है। लाखों वाहन इस ईंधन पर चल रहे हैं और अब तक केवल E20 पेट्रोल के कारण इंजन खराब होने का कोई प्रमाण नहीं मिला है। सरकार का कहना है कि E20 कार्यक्रम का उद्देश्य कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना, किसानों की आय बढ़ाना, ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करना और प्रदूषण घटाना है। इसलिए इस ईंधन को लेकर फैलाई जा रही भ्रामक जानकारी से बचना चाहिए।