लोकसभा चुनाव के बीच नेताओं के दलबदल का दौर जारी है। नामांकन दाखिल कर चुके उम्मीदवार भी अपना पर्चा वापस लेकर दूसरी पार्टी में शामिल हो जा रहे हैं। ताजा मामला स्वामी प्रसाद मौर्य के बेटे उत्कृष्ट मौर्य का है। उत्कृष्ट ने कुशीनगर से अपना नामांकन वापस लेकर कांग्रेस में शामिल हो गए। प्रियंका गांधी ने उत्कृष्ट का पार्टी में स्वागत किया। विधायक मनोज पांडेय के बीजेपी में जाने के बाद उत्कृष्ट मौर्य ने कांग्रेस का दामन थामा। इसके साथ ही ऊंचाहार में मनोज पांडेय को घेरने का प्लान तैयार हो गया है। बता दें कि ऊंचाहार के विधायक मनोज पांडेय ने कल यानी शुक्रवार को बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की थी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में उन्होंने बीजेपी का दामना थामा था।
रायबरेली में पांचवें चरण में 20 मई को वोटिंग
उत्कृष्ट मौर्य मनोज पांडेय के विरोध में ऊंचाहार से विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। उत्कृष्ट को पार्टी में शामिल कर कांग्रेस मनोज पांडेय को घेरने की रणनीति शुरू कर दी है। मौर्य ऊंचाहार रायबरेली से हैं स्वामी प्रसाद और उनके परिवार का रायबरेली में अपने समाज में अच्छा खासा प्रभाव है। रायबरेली में पांचवें चरण में 20 मई को वोटिंग है।
उत्कृष्ट मौर्य ने अपना नामांकन लिया वापस
दो-तीन दिन पहले राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के बेटे उत्कृष्ट मौर्य ने यूपी की कुशीनगर लोकसभा सीट से नामांकन पत्र दाखिल किया था। उत्कृष्ट ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर पर्चा भरा है। वहीं, इस सीट से उनके पिता भी चुनाव लड़ रहे थे। मगर उन्होंने कल अपना नामंकन वापस ले लिया और कांग्रेस में शामिल हो गए।
कुशीनगर में पिता-पुत्र की टक्कर
स्वामी प्रसाद मौर्य पांच बार उत्तर प्रदेश के विधायक रह चुके हैं। ऊंचाहार से राजनीतिक सफर शुरू करने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य अब कुशीनगर में एक्टिव हैं। स्वामी प्रसाद मौर्य की बेटी संघमित्रा मौर्य बदायूं से बीजेपी की सांसद हैं तो बेटे उत्कृष्ट मौर्य ने भी कुशीनगर से पिता के खिलाफ नामांकन किया है।
कौन हैं उत्कृष्ट मौर्य?
दरअसल उत्कृष्ट मौर्य का राजनीतिक करियर कुछ खास नहीं रहा है। 2012 और 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में उत्कृष्ट मौर्य ने अपना राजनीतिक करियर चमकाना चाहा, मगर दोनों बार उन्हें मनोज पांडे से शिकस्त ही मिली। हालांकि इन चुनावों में उत्कृष्ट बेहद कम वोटों से हारे थे। दोनों बार वोट के अंतर लगभग 2000 ही थे।
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