भुवनेश्वर: भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ओडिशा के भुवनेश्वर में स्थित सातवीं शताब्दी के कपिलेश्वर मंदिर (Kapileshwar temple) को संरक्षित स्मारकों की सूची में लाने जा रहा है। ASI ने मंगलवार (16 मई) को मंदिर को 'राष्ट्रीय महत्व का स्मारक' घोषित करने का फैसला किया है। मंदिर को एएसआई की संरक्षित स्मारक सूची में जोड़ने के लिए राजपत्रित अधिसूचना 6 मई को जारी की गई थी।
6 मई को जारी हुई थी अधिसूचना (Kapileshwar temple)
कपिलेश्वर मंदिर को एएसआई की संरक्षित स्मारक सूची में लाने की राजपत्रित अधिसूचना 6 मई को आई थी। यह निर्णय मंदिर के संरक्षण के लिए लिया गया था। अधिसूचना में कहा गया है कि, "केंद्र सरकार की राय है कि प्राचीन स्मारक कपिलेश्वर मंदिर, जिला खुर्दा राज्य ओडिशा, राष्ट्रीय महत्व का एक प्राचीन स्मारक है।"
कपिलेश्वर मंदिर के मुख्य पुजारी के अनुसार मंदिर की संरचना क्षतिग्रस्त होने के कारण मंदिर को संरक्षित स्मारकों में शामिल करने का फैसला लिया गया है। इतना ही नहीं मुख्य पुजारी ने राज्य सरकार पर मंदिर के रखरखाव में लापरवाही बरतने का आरोप भी लगाया है।
भुवनेश्वर की सांसद ने ट्विट कर दी जानकारी
भुवनेश्वर की सांसद अपराजिता सारंगी (Aparajita Sarangi) ने ट्विट कर लिखा, “संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार ने पुराने भुवनेश्वर के कपिलेश्वर मंदिर को ‘राष्ट्रीय महत्व का स्मारक’ घोषित करने का फैसला किया है। मंदिर के पुजारियों के अनुरोध पर मैं कुछ समय पहले मंदिर गई थी। और 4 अप्रैल 2023 को मंत्री जी.किशन रेड्डी से मुलाकात की।” साथ ही सारंगी ने केंद्रीय पर्यटन मंत्री किशन रेड्डी से खंडगिरि और उदयगिरि गुफाओं को 'विश्व धरोहर स्थल' घोषित करने का भी आग्रह किया।
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