रायपुर। देशभर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गुरुवार को 1975 में लगाए गए आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ को 'संविधान हत्या दिवस' के रूप में मनाया। इस अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनका उद्देश्य नई पीढ़ी को आपातकाल के दौरान लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों पर पड़े प्रभाव से अवगत कराना बताया गया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस पर साधा निशाना
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि 25 जून 1975 को लोकतंत्र की हत्या हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौरान विपक्षी नेताओं को जेल में डाला गया, नागरिकों के मौलिक अधिकार छीन लिए गए और संविधान की भावना को कमजोर किया गया।
कांग्रेस का पलटवार, भाजपा पर एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप
वहीं कांग्रेस की ओर से सचिन पायलट ने कहा कि इतिहास को हर कोई अपने नजरिए से देख सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान में भाजपा सरकार अपने राजनीतिक हितों के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है और लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग किया जा रहा है।
NCERT की 9वीं की नई किताब में शामिल हुआ आपातकाल का अध्याय
इस बीच NCERT> की कक्षा 9 की नई सामाजिक विज्ञान की पुस्तक में 1975 से 1977 के बीच लागू आपातकाल पर विस्तृत अध्याय शामिल किया गया है। इसमें नागरिक अधिकारों पर लगे प्रतिबंध, राजनीतिक गिरफ्तारियों और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर पड़े प्रभाव का उल्लेख किया गया है।
केंद्र सरकार और भाजपा का कहना है कि यह देश के लोकतांत्रिक इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय है, जिसकी जानकारी छात्रों को मिलनी चाहिए।
पाठ्यपुस्तक को लेकर भी तेज हुई राजनीतिक बयानबाजी
NCERT के इस फैसले को लेकर राजनीतिक विवाद भी तेज हो गया है। मध्यप्रदेश के एक पूर्व कांग्रेस मंत्री ने भाजपा को "बेशर्म पार्टी" बताते हुए आरोप लगाया कि वह बच्चों की किताबों तक में राजनीति कर रही है और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है।
केदार कश्यप का कांग्रेस पर पलटवार
छत्तीसगढ़ सरकार के मंत्री केदार कश्यप ने कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि आपातकाल कांग्रेस ने पूरे देश पर थोपा था। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को यह जानना चाहिए कि उस दौर में लोकतंत्र और संविधान के साथ क्या हुआ था।
भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने
आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ और NCERT के नए पाठ्यक्रम को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव और तेज हो गया है। भाजपा इसे लोकतंत्र के इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय बताकर युवाओं तक पहुंचाने की बात कर रही है, जबकि कांग्रेस इसे इतिहास के राजनीतिक इस्तेमाल और वर्तमान राजनीति से जोड़कर देख रही है।