कोलकाता। पश्चिम बंगाल के फलता विधानसभा क्षेत्र में मतदान प्रक्रिया को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। 30 बूथों पर पुनर्मतदान की सिफारिश के बाद राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया है और TMC–BJP आमने-सामने आ गए हैं।
कैमरा बंद और EVM गड़बड़ी के आरोप, मतदान प्रक्रिया पर उठे सवाल
रिपोर्ट्स के अनुसार, मतदान के दौरान कई बूथों पर अनियमितताओं के गंभीर आरोप सामने आए हैं। कुछ जगहों पर कैमरे बंद होने की बात कही जा रही है, जबकि ईवीएम से जुड़ी तकनीकी गड़बड़ियों ने भी प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मतदाताओं पर दबाव के आरोप, निष्पक्षता पर उठी बहस
इसके अलावा आरोप है कि कुछ इलाकों में मतदाताओं को प्रभावित करने और दबाव बनाने की कोशिशें हुईं, जिससे मतदान की निष्पक्षता पर सवाल उठे हैं। इसी आधार पर 30 बूथों पर पुनर्मतदान की सिफारिश की गई है।
नेटवर्क फेल और डेटा न पहुंचने का दावा, आयोग की रिपोर्ट में खुलासा
चुनाव आयोग की रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि कई बूथों से डेटा समय पर कंट्रोल रूम तक नहीं पहुंच सका, जबकि कुछ स्थानों पर नेटवर्क समस्या की बात भी दर्ज की गई है।
TMC का पलटवार, BJP ने की निष्पक्ष जांच की मांग
तृणमूल कांग्रेस ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक साजिश बताया है। वहीं बीजेपी ने चुनाव प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
अब आयोग के फैसले पर टिकी नजरें, 30 बूथों पर दोबारा मतदान होगा या नहीं?
अब सभी की नजरें चुनाव आयोग के अंतिम फैसले पर टिकी हैं कि क्या फलता के इन 30 बूथों पर दोबारा मतदान कराया जाएगा या नहीं।