नई दिल्ली- अश्लील कंटेंट और आईटी कानूनों के उल्लंघन पर केंद्र सरकार ने पिछले दो वर्षों में बड़ी कार्रवाई करते हुए 50 OTT प्लेटफॉर्म्स की भारत में सार्वजनिक पहुंच बंद कर दी है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में लिखित जवाब में इसकी जानकारी दी।
लोकसभा में सरकार ने दी जानकारी
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि जिन OTT प्लेटफॉर्म्स और इंटरमीडियरी पर कार्रवाई की गई, उन्होंने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 67 और 67A, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 294 तथा महिलाओं का अशोभनीय चित्रण (प्रतिषेध) अधिनियम, 1986 की धारा 4 समेत अन्य कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन किया था।
शिकायत मिलने पर होती है जांच
मंत्री ने कहा कि सरकार को किसी भी प्लेटफॉर्म के खिलाफ शिकायत मिलने पर उसकी जांच की जाती है। यदि शिकायत सही पाई जाती है, तो आईटी एक्ट की धारा 79(3)(B) के तहत संबंधित प्लेटफॉर्म को आपत्तिजनक या गैरकानूनी कंटेंट हटाने या उस तक पहुंच रोकने के निर्देश दिए जाते हैं।
बच्चों के लिए सुरक्षित इंटरनेट पर जोर
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सरकार की डिजिटल नीति का उद्देश्य सभी इंटरनेट उपयोगकर्ताओं, विशेषकर बच्चों के लिए सुरक्षित, भरोसेमंद और जिम्मेदार डिजिटल वातावरण उपलब्ध कराना है। इसके लिए सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 और इंटरमीडियरी गाइडलाइंस एवं डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड नियम, 2021 के तहत सख्त कानूनी व्यवस्था लागू है।
इंटरमीडियरी के लिए सख्त नियम
सरकार ने स्पष्ट किया कि सभी इंटरमीडियरी और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए आईटी नियमों का पालन करना अनिवार्य है। उन्हें अपने यूजर्स को यह सुनिश्चित करने के लिए भी जागरूक करना होता है कि वे ऐसा कोई कंटेंट अपलोड, शेयर या प्रसारित न करें जो बच्चों के लिए हानिकारक हो या देश के किसी भी कानून का उल्लंघन करता हो।