मुंबई/कोलकाता: ग्लोबल मार्केट में जारी उथल-पुथल का भारतीय अर्थव्यवस्था पर गहरा असर दिख रहा है। डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया कमजोरी का 'शतक' (सेन्चुरी) बनाने की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। सोमवार को बाजार खुलते ही रुपया अपने सर्वकालिक रिकॉर्ड निचले स्तर पर गोता खा गया और 1 डॉलर की कीमत बढ़कर 96.25 रुपये हो गई। आज के कारोबार में रुपये में 44 पैसे की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार, मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) में जारी सैन्य तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की आसमान छूती कीमतों के चलते भारतीय मुद्रा पर दबाव लगातार बढ़ रहा है।
ईरान-अमेरिका तनाव और ईंधन संकट का सीधा असर
मुद्रा बाजार के जानकारों के मुताबिक, ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध जैसी परिस्थितियां और कच्चे तेल की सप्लाई चेन प्रभावित होना ही रुपये की इस बदहाली की मुख्य वजह है। गौरतलब है कि 28 फरवरी को ईरान की धरती पर अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त हमला किया था। करीब डेढ़ महीने के युद्ध के बाद फिलहाल दोनों पक्ष संघर्षविराम (सीजफायर) पर तो राजी हो गए हैं, लेकिन दीर्घकालिक शांति के प्रस्ताव को दोनों ही देश लगातार ठुकरा रहे हैं। इस युद्ध के कारण दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग 'हॉर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) के बंद होने की आशंका से गहरा ईंधन संकट खड़ा हो गया है, जिसका सीधा और गंभीर असर भारत पर पड़ रहा है।
लगातार जारी है रुपये में 'रक्तस्राव'
रुपये में गिरावट का यह सिलसिला नया नहीं है। इसी साल 4 मार्च को मध्य पूर्व संकट के पहले बड़े झटके के कारण रुपया 70 पैसे टूटकर पहली बार 92 के पार (92.17) चला गया था। इसके बाद बीते 12 मई को यह रिकॉर्ड गिरावट के साथ 95.58 के स्तर पर पहुंचा और अब सोमवार को 44 पैसे की और गिरावट के साथ यह 96.25 के ऐतिहासिक निचले स्तर पर आ गया है। हालांकि, राहत की बात यह है कि स्थिति को पूरी तरह बेकाबू होने से रोकने के लिए केंद्र सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) दोनों ही एक्टिव मोड में आ गए हैं और जरूरी कदम उठा रहे हैं।
शेयर बाजार में भी मची भारी खलबली, सेंसेक्स-निफ्टी धड़ाम
रुपये के ऐतिहासिक अवमूल्यन का असर घरेलू शेयर बाजार पर भी साफ देखने को मिला। सोमवार को बाजार खुलते ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सूचकांक सेंसेक्स करीब 950 अंक नीचे लुढ़क गया। हालांकि, बाद में बाजार में थोड़ा सुधार (रिकवरी) देखा गया। सुबह 10:50 बजे तक सेंसेक्स 645.00 अंक यानी 0.86% की गिरावट के साथ 74,592.99 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।वहीं दूसरी ओर, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी 206.30 अंक यानी 0.87% टूटकर 23,437.20 के स्तर पर आ गया। बैंकिंग सेक्टर को भी इस वैश्विक उथल-पुथल से तगड़ा झटका लगा है; बैंक निफ्टी में 685.60 अंक यानी 1.28% की भारी गिरावट दर्ज की गई और यह 53,024.75 के स्तर पर आ गया।