नई दिल्ली/कोलकाता: धूम्रपान करने वाले उपभोक्ताओं के लिए एक बार फिर बुरी खबर सामने आई है। देश की प्रमुख सिगरेट निर्माता कंपनी आईटीसी (ITC Limited) ने अपने कई लोकप्रिय ब्रांड्स के सिगरेट की अधिकतम खुदरा कीमत (MRP) में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी है। इस मूल्य वृद्धि के तहत कंपनी के प्रमुख ब्रांड्स 'क्लासिक कनेक्ट' (Classic Connect) और 'गोल्ड फ्लेक स्टार' (Gold Flake Star) की कीमतें सीधे तौर पर प्रभावित हुई हैं। नई प्रिंटेड दरों वाले सिगरेट के पैकेट बाजार में उपलब्ध होने शुरू हो गए हैं, जिससे धूम्रपान करने वालों की जेब पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ेगा।
'क्लासिक कनेक्ट' के दाम में एकमुश्त ₹38 की बढ़ोतरी
राष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स और बाजार सूत्रों के अनुसार, 20 सिगरेट वाले 'क्लासिक कनेक्ट' पैकेट का नया एमआरपी बढ़कर 428 रुपये हो गया है। इससे पहले इस पैकेट की कीमत 390 रुपये थी, यानी कंपनी ने इसके दाम में एक झटके में करीब 38 रुपये का इजाफा कर दिया है।
'गोल्ड फ्लेक स्टार' भी हुई महंगी
कंपनी ने अपने एक अन्य लोकप्रिय उत्पाद 10 सिगरेट वाले 'गोल्ड फ्लेक स्टार' पैकेट की कीमत में भी बढ़ोतरी की है। पहले 79 रुपये में मिलने वाले इस पैकेट की नई कीमत अब बढ़कर 89 रुपये हो गई है। यानी इस पैकेट पर सीधे 10 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
फरवरी से अब तक कई चरणों में बढ़ीं कीमतें
उल्लेखनीय है कि इसी साल फरवरी महीने में 'क्लासिक कनेक्ट' के पैकेट का दाम 300 रुपये था। बीते कुछ महीनों में कंपनी ने चरणबद्ध तरीके से इसके दाम बढ़ाए हैं। सबसे पहले 300 रुपये से बढ़ाकर इसे 360 रुपये किया गया, जिसके बाद दाम 390 रुपये हुए और अब यह बढ़कर 428 रुपये तक पहुंच गया है। इसी तरह 'गोल्ड फ्लेक स्टार' का पैकेट भी पहले 59 रुपये से बढ़कर 70 रुपये हुआ था, जो अब 89 रुपये का हो चुका है।
टैक्स ढांचे में बदलाव बना मूल्य वृद्धि की वजह
विशेषज्ञों के मुताबिक, चालू वर्ष के दौरान सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों पर कर ढांचे में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। तंबाकू उत्पादों पर 40 प्रतिशत जीएसटी (GST) के साथ अतिरिक्त आबकारी शुल्क (Excise Duty) प्रभावी हुआ है। अतिरिक्त टैक्स के इस वित्तीय बोझ को संतुलित करने और कर ढांचे से तालमेल बिठाने के लिए ही आईटीसी समेत कई सिगरेट निर्माता कंपनियों को अपने उत्पादों की कीमतें बढ़ाने का निर्णय लेना पड़ा है।
अन्य सिगरेट निर्माता कंपनियों ने भी बढ़ाए दाम
करों के बढ़े हुए बोझ के कारण केवल आईटीसी ही नहीं, बल्कि बाजार की अन्य सिगरेट निर्माता कंपनियों ने भी अपने-अपने ब्रांड्स की कीमतों में संशोधन किया है। हालांकि, बाजार में आईटीसी के उत्पादों की सबसे अधिक हिस्सेदारी होने के कारण इस ताजा मूल्य वृद्धि का सीधा असर सबसे ज्यादा उपभोक्ताओं पर पड़ा है।