मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में 19 मार्च से “जल गंगा संवर्धन अभियान” का शुभारंभ किया जाएगा। यह अभियान शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में चलाया जाएगा और इसका यह तीसरा वर्ष है। मुख्यमंत्री ने नगरीय निकायों और ग्राम पंचायतों से अपील की कि वे अभियान को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
जल संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुओं, बावड़ियों और नदियों के पुनरुद्धार के इस अभियान को जन-जन से जोड़कर जन-आंदोलन का रूप दिया जाए। उन्होंने सामाजिक संस्थाओं और युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। प्रदेश में अब तक 3000 से अधिक जल स्रोतों का पुनर्जीवन किया जा चुका है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में 86 हजार से अधिक खेत तालाब और 550 से ज्यादा अमृत सरोवर बनाए गए हैं।
भू-जल संवर्धन और नदी शुद्धिकरण पर फोकस
राज्य में भू-जल स्तर सुधारने के लिए एक लाख से अधिक कुओं का पुनर्भरण कार्य शुरू किया गया है। साथ ही 57 प्रमुख नदियों और 194 प्रदूषण स्रोतों की पहचान कर उनके शोधन की पहल की गई है। इसके अलावा 145 नदियों के उद्गम क्षेत्रों में हरित विकास के लिए “गंगोत्री हरित योजना” भी लागू की गई है।
जल महोत्सव के कार्यक्रमों को सफल बनाने की अपील
मुख्यमंत्री ने बताया कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा “जल महोत्सव” के तहत 22 मार्च तक विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को भी जल संरक्षण के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए।
हर घर जल के लिए केंद्र के साथ हुआ महत्वपूर्ण करार
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि केंद्र के जल शक्ति मंत्रालय के साथ नई दिल्ली में महत्वपूर्ण करार हुआ है। इसके तहत मध्यप्रदेश को पेयजल योजनाओं के लिए चुना गया है, जिससे पाइपलाइन बिछाने और हर घर तक जल पहुंचाने का कार्य तेज होगा। जल जीवन मिशन 2.0 के तहत वर्ष 2028 तक ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति को मजबूत और टिकाऊ बनाया जाएगा।
किसान कल्याण वर्ष में 17 विभाग मिलकर करेंगे कार्य
मुख्यमंत्री ने “किसान कल्याण वर्ष 2026” के अंतर्गत 17 विभागों द्वारा वर्षभर चलने वाली गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में किसानों के हित में नई पहल की जा रही है और कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने के लिए सरकार बहुआयामी प्रयास कर रही है।
NH-752D फोरलेन परियोजना के लिए प्रधानमंत्री का आभार
मुख्यमंत्री ने हाल ही में स्वीकृत एनएच-752D (बदनावर-पेटलावद-थांदला-टिमरवानी) फोरलेन परियोजना के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताया। उन्होंने कहा कि 3839 करोड़ रुपये की इस परियोजना से प्रदेश में कनेक्टिविटी बेहतर होगी और औद्योगिक व जनजातीय क्षेत्रों के विकास को गति मिलेगी।
भावांतर योजना में सरसों शामिल, किसानों को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री ने बताया कि भावांतर योजना में सरसों को शामिल किया गया है, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि अब तक 7 लाख से अधिक सोयाबीन उत्पादक किसानों को 1500 करोड़ रुपये की राशि दी जा चुकी है और अब सरसों उत्पादकों को भी इसका फायदा मिलेगा।
सर्वाइकल कैंसर रोकथाम के लिए टीकाकरण अभियान
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बेटियों को Cervical Cancer से बचाने के लिए निःशुल्क टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। 14 वर्ष से अधिक आयु की बालिकाओं को यह वैक्सीन लगाई जा रही है, जो पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने मंत्रियों को इस अभियान की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।
विक्रम संवत और नववर्ष की दी शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 19 मार्च को गुड़ी पड़वा और विक्रम संवत नववर्ष के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भारतीय नववर्ष के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा और एकता का भाव बढ़ता है।
जनभागीदारी से बनेगा सफल अभियान
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि जनभागीदारी और संस्थाओं के सहयोग से जल गंगा संवर्धन अभियान को सफल बनाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि यह पहल जल संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और भविष्य की जल सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
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