झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा जंगल क्षेत्र में गुरुवार सुबह से सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ जारी है। इस मुठभेड़ में कई नक्सलियों के मारे जाने की सूचना है, हालांकि मृतकों की संख्या को लेकर अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है और रुक-रुक कर गोलीबारी की आवाजें सुनाई दे रही हैं। कोल्हान प्रमंडल के डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि अभियान अभी जारी है और विस्तृत जानकारी बाद में साझा की जाएगी।
नक्सलियों को भारी नुकसान हुआ
सुरक्षा कारणों से पूरे क्षेत्र को घेर लिया गया है और अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। वरिष्ठ पुलिस और सुरक्षा अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर पूरे अभियान की निगरानी कर रहे हैं। झारखंड पुलिस के प्रवक्ता और आईजी अभियान माइकल राज ने कहा कि सुबह से ही सारंडा जंगल में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ चल रही है और अब भी रुक-रुक कर फायरिंग हो रही है। उन्होंने यह भी बताया कि नक्सलियों को भारी नुकसान हुआ है।
सुरक्षा बलों ने संयुक्त अभियान शुरू किया
जानकारी के अनुसार, छोटानागरा थाना क्षेत्र के कुंभडीह गांव के पास नक्सलियों की मौजूदगी की गुप्त सूचना के आधार पर सुरक्षा बलों ने संयुक्त अभियान शुरू किया था। इसी दौरान पहले से घात लगाए नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में सुरक्षा बलों ने मोर्चा संभालते हुए प्रभावी कार्रवाई की। मुठभेड़ कई घंटों तक चली, जिसमें सुरक्षाबलों को निर्णायक बढ़त मिली।
50 लाख रुपये का इनामी एक शीर्ष नक्सली समेत कई सहयोगी मारे गए
सूत्रों के मुताबिक, इस मुठभेड़ में 50 लाख रुपये का इनामी एक शीर्ष नक्सली समेत उसके कई सहयोगी मारे गए हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है। मुठभेड़ स्थल से नक्सलियों के कई शव, हथियार, गोला-बारूद और दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद की गई है। बताया जा रहा है कि मारे गए नक्सलियों में संगठन के सक्रिय और वांछित सदस्य शामिल हैं, जिन पर विभिन्न मामलों में इनाम घोषित था।
नक्सल विरोधी अभियानों में तेजी
गौरतलब है कि हाल के महीनों में चाईबासा और आसपास के क्षेत्रों में नक्सल विरोधी अभियानों में तेजी आई है। जून 2025 में चाईबासा के टोंटो और गोइलकेरा इलाकों में हुई मुठभेड़ में चार नक्सली मारे गए थे, जिनमें संगठन के वरिष्ठ कमांडर भी शामिल थे। वर्ष 2026 में नक्सलियों के साथ सुरक्षा बलों की यह पहली मुठभेड़ है, जबकि 2025 में राज्य में 25 से अधिक नक्सलियों को मार गिराया गया था।
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