कोलकाता डेस्क: पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में पुलिस चार्जशीट से कई अहम बातें सामने आई हैं। चार्जशीट के मुताबिक, केतन की हत्या से पहले उसे बेंगलुरु ले जाकर उसके हाथ-पैर तोड़ने की योजना पर चर्चा हुई थी। हालांकि, यह योजना अमल में नहीं लाई जा सकी और बाद में पूरी साजिश का रुख हत्या की ओर मुड़ गया।
बेंगलुरु में परिचित से संपर्क का दावा
पुलिस के अनुसार, आरोपी रितेश हंगे ने बेंगलुरु में रहने वाले अपने एक परिचित से केतन को वहां ले जाने और उसके साथ मारपीट करने की योजना को लेकर बातचीत की थी। चार्जशीट में कहा गया है कि उस व्यक्ति ने इस योजना में शामिल होने से इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने उसे मामले में गवाह बनाया।
बेंगलुरु वाला प्लान क्यों नहीं हुआ कामयाब?
चार्जशीट के अनुसार, बेंगलुरु में केतन को गंभीर रूप से घायल करने की योजना आगे नहीं बढ़ सकी। इसके बाद आरोपियों ने कथित तौर पर दूसरी योजना पर काम शुरू किया। जांच में पुलिस ने दावा किया है कि केतन को ऐसी जगह ले जाने की योजना बनाई गई, जहां उसकी मौत को हादसा दिखाया जा सके।
लोहागढ़ किले को चुना गया
पुलिस जांच में पुणे के लोहागढ़ किले का नाम सामने आया। चार्जशीट के मुताबिक, आरोपियों ने कथित तौर पर केतन को वहां ले जाने की तैयारी की और आसपास के इलाकों की जानकारी जुटाई। पुलिस का आरोप है कि लोहागढ़ को इसलिए चुना गया ताकि घटना को दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की जा सके।
फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट से संपर्क का आरोप
जांच में यह भी सामने आया कि केतन को लोहागढ़ ले जाने के लिए कथित तौर पर ‘माही’ नाम से एक फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट बनाया गया था। पुलिस के मुताबिक, इसी अकाउंट के जरिए केतन को जन्मदिन के सरप्राइज के बहाने लोहागढ़ आने के लिए तैयार किया गया। बाद में इस अकाउंट को डिलीट किए जाने की बात भी चार्जशीट में कही गई है।
पासपोर्ट फाड़ने की घटना भी जांच में शामिल
चार्जशीट में केतन के पासपोर्ट से जुड़ी घटना का भी उल्लेख है। पुलिस के अनुसार, 6 जून को प्री-वेडिंग फोटोशूट के लिए यात्रा के दौरान सिया गोयल ने कथित तौर पर केतन का पासपोर्ट फाड़ दिया और उसे कैफे के वॉशरूम में फेंक दिया। पुलिस का दावा है कि इसके बाद प्रस्तावित यात्रा रुक गई थी।
18 जून को लोहागढ़ में हुई मौत
पुलिस के मुताबिक, 18 जून को केतन अग्रवाल की लोहागढ़ किले से नीचे गिरने के बाद मौत हो गई थी। जांच एजेंसी का आरोप है कि केतन को कथित तौर पर धक्का दिया गया था। इस मामले में सिया गोयल, चेतन चौधरी और रितेश हंगे को आरोपी बनाया गया है। हालांकि, आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत में होना बाकी है।
5 हजार से ज्यादा पन्नों की चार्जशीट
पुणे ग्रामीण पुलिस ने मामले में 5,053 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। इसमें पुलिस ने गवाहों के बयान के साथ-साथ व्हाट्सऐप चैट, मोबाइल फोन डेटा, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, तस्वीरों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को भी शामिल किया है। जांच में सामने आए इन साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने की कोशिश की है।
शादी से पहले रिश्ते में तनाव का भी जिक्र
चार्जशीट में पुलिस ने केतन और सिया के रिश्ते को लेकर भी कई दावे किए हैं। दोनों की फरवरी में सगाई हुई थी और नवंबर में जयपुर में शादी प्रस्तावित थी। पुलिस के मुताबिक, सिया ने कुछ लोगों के सामने केतन से शादी नहीं करने की बात कही थी। जांच में इस रिश्ते और उससे जुड़े घटनाक्रम को भी कथित हत्या की साजिश के संदर्भ में शामिल किया गया है।
अब अदालत में तय होगी आरोपों की सच्चाई
पुलिस चार्जशीट में दर्ज आरोप जांच एजेंसी का पक्ष हैं। मामले में पेश किए गए साक्ष्यों और आरोपों पर अदालत में सुनवाई होगी। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोप सही हैं या नहीं, इसका अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।