नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में किसानों के हित में बड़ा फैसला लिया गया। सरकार ने खरीफ मार्केटिंग सीजन 2026-27 के लिए 14 प्रमुख खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। धान का MSP 72 रुपये बढ़ाकर 2,441 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है। केंद्रीय मंत्री Ashwini Vaishnaw ने बताया कि सरकार ने सभी खरीफ फसलों के लिए लागत पर कम से कम 50 प्रतिशत मुनाफा जोड़कर MSP तय किया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला किसानों की आय बढ़ाने और खेती को लाभकारी बनाने की दिशा में अहम कदम है।
14 खरीफ फसलों के MSP में बढ़ोतरी
सरकार ने खरीफ सीजन की 14 प्रमुख फसलों के समर्थन मूल्य में इजाफा किया है। इनमें धान, मक्का, बाजरा, मूंग, अरहर, कपास, सूरजमुखी, तिल और नाइजरसीड जैसी फसलें शामिल हैं। सरकार के मुताबिक सबसे ज्यादा MSP बढ़ोतरी सूरजमुखी के बीज पर की गई है, जहां 622 रुपये प्रति क्विंटल का इजाफा हुआ। इसके बाद कपास में 557 रुपये, नाइजरसीड में 515 रुपये और तिल में 500 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है।
किसानों को मिलेगा लागत से ज्यादा मुनाफा
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सरकार की नीति है कि किसानों को उनकी उत्पादन लागत पर कम से कम 50 प्रतिशत लाभ जरूर मिले। उन्होंने बताया कि मूंग पर किसानों को 61%, बाजरा और मक्का पर 56% तथा अरहर पर 54% तक लाभ मिलने का अनुमान है। सरकार का दावा है कि इस फैसले से किसानों को कुल मिलाकर करीब 2.6 लाख करोड़ रुपये का भुगतान होगा।
मोदी सरकार का किसानों पर फोकस
सरकार ने कहा कि वर्ष 2019 में MSP तय करने के लिए “लागत + 50 प्रतिशत लाभ” का फार्मूला लागू किया गया था और उसी आधार पर लगातार फैसले लिए जा रहे हैं। केंद्र का मानना है कि इससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और खेती को प्रोत्साहन मिलेगा।
ऊर्जा क्षेत्र में भी बड़ा फैसला
कैबिनेट बैठक में खेती के साथ-साथ ऊर्जा क्षेत्र को लेकर भी अहम फैसला लिया गया। सरकार ने कोयला गैसीकरण योजना को मंजूरी दी है। इसके तहत कोयले को सीधे जलाने के बजाय उसे गैस में बदला जाएगा। इस गैस का इस्तेमाल खाद बनाने, बिजली उत्पादन और औद्योगिक केमिकल तैयार करने में किया जाएगा। सरकार ने इस योजना के लिए 37,500 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दी है।
क्या बोले अश्विनी वैष्णव?
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत के पास अगले 200 वर्षों तक जरूरत पूरी करने लायक कोयला मौजूद है। अब तकनीक के जरिए इसे गैस में बदलकर इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे दूसरे देशों पर निर्भरता कम होगी।