एक समय में मदन मित्रा और अर्जुन सिंह एक ही राजनीतिक दल में थे और कंधे से कंधा मिलाकर तृणमूल कांग्रेस के लिए काम करते थे। वर्तमान में मदन मित्रा तृणमूल कांग्रेस के विधायक हैं, जबकि अर्जुन सिंह भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो चुके हैं। हालांकि, बुधवार को अर्जुन सिंह के एक बयान ने नई राजनीतिक अटकलों को जन्म दे दिया।
अर्जुन सिंह का बड़ा बयान
अर्जुन सिंह ने कहा, “किसी भी समय मदन दा हमारे साथ आ सकते हैं।” इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया। मदन मित्रा ने इस बयान पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और केवल मुस्कुराते हुए देखते रहे।
विधानसभा में शपथ ग्रहण कार्यक्रम
यह घटना उस समय हुई जब विधानसभा में नवनिर्वाचित विधायकों का शपथ ग्रहण समारोह चल रहा था। कार्यक्रम में सभी विजयी विधायक मौजूद थे, जिनमें तृणमूल कांग्रेस के विधायक मदन मित्रा भी शामिल थे।
शपथ के बाद राजनीतिक बयानबाज़ी
शपथ ग्रहण के बाद विधानसभा परिसर के बाहर पत्रकारों से बातचीत में मदन मित्रा ने 2011 के राजनीतिक माहौल को याद किया। उन्होंने कहा, “2011 में जब ममता बनर्जी ने शपथ ली थी, तब लाखों लोग पैदल चलकर आए थे। उस समय 34 साल के सीपीएम शासन से मुक्ति की खुशी थी। लेकिन अब जो मुख्यमंत्री बने हैं, उनके समय में कोई उत्साह नहीं दिख रहा। मैं व्यक्तिगत रूप से मानसिक रूप से टूट गया हूँ कि ऐसी विधानसभा में ममता बनर्जी नहीं हैं।”
कैमरे के सामने हल्की नोकझोंक
इसी बीच पत्रकारों ने नोआपाड़ा के भाजपा विधायक अर्जुन सिंह को मदन मित्रा के पास देखा। अर्जुन सिंह मुस्कुराते हुए उनके पास पहुंचे और कहा, “हम सब साथ ही हैं। किसी भी समय मदन दा हमारे साथ आ सकते हैं।” फिर उन्होंने मदन मित्रा से पूछा, “क्या कहते हो दादा?” और मुस्कुराते हुए “ओ लवली” कहकर वहां से चले गए। इस पूरे घटनाक्रम पर मदन मित्रा ने कोई टिप्पणी नहीं की और मुस्कुराते हुए उन्हें जाते देखते रहे।