भोपाल।मल्लिकार्जुन खड़गे के भोपाल दौरे के दौरान दिया गया भाषण अब सियासी विवाद का कारण बन गया है। अमेरिका के साथ भारत की प्रस्तावित ट्रेड डील के विरोध में कांग्रेस द्वारा अटल पथ पर आयोजित किसान महाचौपाल में खड़गे ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। कार्यक्रम में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी मौजूद रहे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान और पार्टी पदाधिकारी शामिल हुए।
ट्रेड डील को बताया किसानों के खिलाफ
अपने संबोधन में खड़गे ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को किसानों के हितों के खिलाफ बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि देश का लोकतंत्र और संविधान खतरे में है। खड़गे ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां किसानों को कमजोर कर रही हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को मजदूर बनाया जा रहा है और सरकार बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचा रही है।
‘राम’ शब्द नहीं लेने पर बीजेपी का हमला
विवाद उस समय खड़ा हुआ जब खड़गे ने अपने भाषण में कांग्रेस सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए “वीबी जीराम जी योजना” का उल्लेख किया, लेकिन “राम” शब्द का उच्चारण नहीं किया। इसे लेकर बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस और खड़गे भगवान श्रीराम के नाम से परहेज़ क्यों करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह आस्था का अपमान है और कांग्रेस की मानसिकता को दर्शाता है।
बीजेपी का आरोप: आस्था पर राजनीति
बीजेपी नेताओं ने कहा कि भगवान श्रीराम करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र हैं और उनके नाम से परहेज़ करना सनातन परंपरा के विरोध जैसा है। पार्टी ने इसे कांग्रेस की तुष्टिकरण की राजनीति से जोड़ते हुए जनता के बीच मुद्दा बनाने के संकेत दिए हैं।
सियासत तेज, बयानबाज़ी जारी
किसान महाचौपाल का मुद्दा अब राजनीतिक बहस में बदल गया है। एक ओर कांग्रेस केंद्र सरकार की नीतियों पर हमलावर है, तो वहीं बीजेपी धार्मिक आस्था के मुद्दे पर कांग्रेस को घेर रही है। आने वाले दिनों में यह विवाद और तूल पकड़ सकता है, क्योंकि दोनों दल इसे अपने-अपने राजनीतिक एजेंडे के केंद्र में रखने की तैयारी में हैं।
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