केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार को केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के राज्य सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इसे लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र पर निशाना साधा और बंगाल के साथ भेदभाव का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बंगाल विधानसभा ने राज्य का नाम बांग्ला करने का प्रस्ताव दो बार पारित किया, लेकिन केंद्र ने अब तक मंजूरी नहीं दी।
ममता बनर्जी का केंद्र पर निशाना
सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि ‘वेस्ट बंगाल’ के नाम के कारण बंगाल के छात्रों को इंटरव्यू में और राष्ट्रीय बैठकों में सबसे अंत में मौका मिलता है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी बंगालियों की भावनाओं का सम्मान नहीं करती और केवल चुनाव के समय बांग्ला शब्द का उपयोग करती है। ममता ने कहा, केरल में बीजेपी और CPI(M) के बढ़ते गठबंधन के कारण नाम बदलना आसान हो गया। एक दिन सत्ता बदलेगी और हम पश्चिम बंगाल का नाम जरूर बदलवाएंगे।
TMC कर रही राज्य का नाम बदलने की मांग
टीएमसी सत्ता में आने के बाद से ही राज्य का नाम बदलने की मांग कर रही है। पिछले महीने राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान टीएमसी सांसद रीताब्रत बनर्जी ने पश्चिम बंगाल का नाम बांग्ला करने की मांग उठाई और कहा कि यह नाम राज्य के इतिहास और संस्कृति को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि जुलाई 2018 में पश्चिम बंगाल विधानसभा ने सर्वसम्मति से नाम बदलने का प्रस्ताव पारित किया था, लेकिन केंद्र ने अब तक मंजूरी नहीं दी।
टीएमसी सांसद के अनुसार, इस मुद्दे पर सीएम ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी पत्र लिखा था। 2011 में सत्ता में आने के बाद टीएमसी ने केंद्र को राज्य का नाम बदलने का सुझाव दिया था और बाद में इसे बोंगो या बांग्ला रखने का प्रस्ताव पेश किया।
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