मुंबई - भारतीय बॉक्सिंग की दिग्गज खिलाड़ी मैरी कॉम इन दिनों रियलिटी शो ‘बिग बॉस 20’ का हिस्सा हैं। शो के ग्रैंड प्रीमियर के अगले ही एपिसोड में वह अपने गृह राज्य मणिपुर के हालात का जिक्र करते हुए भावुक हो गईं। सोमवार के एपिसोड में उन्होंने पिछले कुछ वर्षों से जारी हिंसा और तनाव को लेकर अपनी पीड़ा जाहिर की।

मणिपुर के हालात का जिक्र करते हुए भावुक हुईं मैरी कॉम
मैरी कॉम ने बातचीत के दौरान कहा कि उन्होंने देश के लिए अपनी पूरी क्षमता के साथ योगदान देने की कोशिश की, लेकिन अपने राज्य और वहां के लोगों के लिए कुछ नहीं कर पाने का मलाल उन्हें आज भी परेशान करता है। 43 वर्षीय ओलंपिक पदक विजेता और पूर्व राज्यसभा सांसद ने अपनी बेबसी जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि वह अपने राज्य की ‘रक्षा’ नहीं कर सकीं। अपने लोगों को मुश्किल परिस्थितियों में देखने की पीड़ा उनके भावुक होने की वजह बनी।

‘देश के लिए बहुत कुछ किया, लेकिन अपने लोगों के लिए...’
मैरी कॉम ने अपनी भावनाएं साझा करते हुए बताया कि देश के लिए उन्होंने कई उपलब्धियां हासिल कीं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया। लेकिन जब बात अपने राज्य और वहां रहने वाले लोगों की आई, तो उन्हें खुद को असहाय महसूस हुआ। उनकी बातों में अपने राज्य के प्रति लगाव और वहां की परिस्थितियों को लेकर चिंता साफ नजर आई। शो में उनके इस भावुक पक्ष ने दर्शकों का ध्यान खींचा।

मई 2023 से जारी है मणिपुर में हिंसा
मणिपुर में मई 2023 से जातीय हिंसा और तनाव की स्थिति बनी हुई है। संघर्ष मुख्य रूप से मैतेई और कुकी-जो समुदायों के बीच रहा है। हिंसा के कारण बड़ी संख्या में लोगों की जान गई और हजारों लोगों को अपने घर छोड़कर विस्थापित होना पड़ा। राज्य में समय-समय पर हिंसक घटनाएं सामने आती रही हैं, जिससे हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। लंबे समय से जारी इस संकट ने आम लोगों के साथ-साथ राज्य से जुड़े प्रमुख चेहरों को भी प्रभावित किया है।

अपने राज्य को लेकर मैरी कॉम की चिंता
मैरी कॉम लंबे समय से मणिपुर से जुड़ी अपनी पहचान और वहां के लोगों के साथ अपने रिश्ते को लेकर बात करती रही हैं। ऐसे में बिग बॉस के मंच पर राज्य के हालात का जिक्र करते हुए उनका भावुक होना उनके व्यक्तिगत दर्द को सामने लाता है।
एक खिलाड़ी के तौर पर देश के लिए बड़ी उपलब्धियां हासिल करने वाली मैरी कॉम के लिए मणिपुर सिर्फ उनका गृह राज्य नहीं, बल्कि उनकी पहचान और भावनात्मक जुड़ाव का भी हिस्सा है। यही वजह रही कि राज्य में लंबे समय से जारी संकट की बात करते हुए वह अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सकीं।