नवान्न में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने तिलजला में हुए हालिया हादसे पर आई जांच कमेटी की रिपोर्ट को गंभीर बताते हुए कहा कि यह राज्य के लिए चेतावनी है। जांच में सामने आया है कि जिस इमारत में हादसा हुआ, उसका कोई स्वीकृत प्लान मौजूद नहीं था और वह पूरी तरह अवैध निर्माण था। तिलजला केस नंबर 226 में अब तक दो लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। सरकार ने बिजली आपूर्ति करने वाली एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अवैध इमारतों और गैरकानूनी फैक्ट्रियों को किसी भी स्थिति में बिजली कनेक्शन न दिया जाए और ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
किसानों के मुद्दे पर पिछली सरकार पर निशाना, सुरक्षा का भरोसा
मुख्यमंत्री ने आलू किसानों से जुड़े मुद्दों का जिक्र करते हुए पिछली सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि किसी भी किसान या कृषि से जुड़े व्यक्ति को परेशान नहीं किया जाएगा। जल संसाधनों और कृषि कार्यों से जुड़े लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन का दावा, सख्त कार्रवाई की तैयारी
सरकार ने दावा किया कि उसका मुख्य उद्देश्य एक पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त प्रशासन स्थापित करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी और आने वाले दिनों में इस दिशा में बड़े निर्णय लागू किए जाएंगे।
पांच लंबित CBI मामलों पर मंजूरी, जांच एजेंसियों को खुली छूट
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि उन्होंने हाल ही में एक आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत पिछली सरकार द्वारा रोके गए पांच CBI मामलों को आगे बढ़ाने की अनुमति दे दी गई है। आरोप लगाया गया कि कुछ अधिकारियों को जांच से बचाने के लिए एजेंसियों को काम करने से रोका जा रहा था। अब CBI को संबंधित अधिकारियों के खिलाफ जांच की पूरी अनुमति दे दी गई है और आदेश आज ही जारी होने की बात कही गई है।
शिक्षक भर्ती, नगर पालिका और सहकारी घोटालों की जांच शुरू करने की अनुमति
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि शिक्षक भर्ती घोटाला, नगर पालिका घोटाला और सहकारी (कोऑपरेटिव) घोटाले से जुड़े मामलों की जांच शुरू करने की मंजूरी दे दी गई है। इसके साथ ही इन सभी मामलों में जांच एजेंसियां अब औपचारिक रूप से कार्रवाई आगे बढ़ा सकेंगी।