कोलकाता: पश्चिम बंगाल के प्रशासनिक हलके से सोमवार शाम एक बेहद बड़ी और महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी नीलम मीना को राज्य का नया मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नियुक्त किया गया है। लंबे समय से चल रही अटकलों और सस्पेंस पर विराम लगाते हुए सोमवार को चुनाव आयोग और राज्य सरकार की ओर से इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए गए। नीलम मीना मंगलवार (कल) से अपना नया कार्यभार संभालेंगी।
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, निवर्तमान मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल की जगह अब नीलम मीना यह जिम्मेदारी निभाएंगी। दरअसल, हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नई सरकार के गठन के बाद मनोज कुमार अग्रवाल को पदोन्नत कर पश्चिम बंगाल का नया मुख्य सचिव (Chief Secretary) बनाया गया है। उनके मुख्य सचिव बनने के बाद से ही राज्य के नए मुख्य चुनाव अधिकारी के नाम को लेकर कयासबाजी शुरू हो गई थी।
28 वर्षों का लंबा प्रशासनिक अनुभव
आईएएस नीलम मीना 1998 बैच की पश्चिम बंगाल कैडर की बेहद कड़क और अनुभवी प्रशासनिक अधिकारी हैं। उन्हें प्रशासनिक क्षेत्र में काम करने का 28 वर्षों से भी अधिक का एक लंबा और शानदार अनुभव है। इस नई और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी से पहले वह राज्य सरकार के उपभोक्ता संरक्षण विभाग (Consumer Affairs Department) में प्रधान सचिव (Principal Secretary) के पद पर तैनात थीं। अपनी ईमानदारी और कार्यकुशलता के लिए पहचानी जाने वाली नीलम मीना अब बंगाल की चुनावी मशीनरी की कमान संभालेंगी।
विधानसभा चुनाव में निभाई थी अहम भूमिका
खास बात यह है कि हाल ही में संपन्न हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान भी नीलम मीना ने चुनाव आयोग के भीतर बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इस बार के चुनावों में आयोग ने मतदान केंद्रों पर अभूतपूर्व और कड़ी निगरानी रखी थी। पूरे राज्य के बूथों को सीसीटीवी कैमरों की जद में लाया गया था। चुनाव आयोग के राज्य मुख्यालय में जो मुख्य कंट्रोल रूम (Central Control Room) बनाया गया था, जहां से पूरे राज्य की पल-पल की वोटिंग और सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखी जा रही थी, उस हाई-टेक कंट्रोल रूम की पूरी जिम्मेदारी नीलम मीना के ही कंधों पर थी।
कंट्रोल रूम के सफल संचालन और चुनावी निगरानी में उनके इसी बेहतरीन ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए अब उन्हें पूर्णकालिक रूप से राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के सर्वोच्च पद पर बिठाया गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव के बाद के माहौल में निष्पक्ष प्रशासनिक व्यवस्था बनाए रखने में नीलम मीना का लंबा अनुभव काफी कारगर साबित होगा।