मार्च के मध्य में जहां उत्तर भारत के कई हिस्सों में तापमान असामान्य रूप से बढ़ गया था, वहीं अब मौसम के बदलते रुख ने लोगों को राहत की उम्मीद दी है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से उत्तर भारत के कई क्षेत्रों में मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। इसके प्रभाव से धूल भरी आंधी, तेज हवाएं और हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना जताई गई है, जिससे तापमान में गिरावट आ सकती है।
दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में राहत की संभावना
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में मार्च के शुरुआती दिनों में तापमान लगभग 38°C तक पहुंच गया था, जो इस समय के लिए पिछले 50 वर्षों में असामान्य रूप से अधिक माना गया। अब मौसम विभाग का अनुमान है कि 15 मार्च से मौसम में परिवर्तन देखने को मिलेगा। इस दौरान हल्की बारिश, गरज-चमक और लगभग 30-40 किमी/घंटा की गति से तेज हवाएं चल सकती हैं। इन परिस्थितियों से राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में गर्मी से कुछ राहत मिलने की संभावना है।
पंजाब और हरियाणा में आंधी और ओलावृष्टि की चेतावनी
पंजाब और हरियाणा में भी मौसम विभाग ने प्री-मानसून गतिविधियों की शुरुआत के संकेत दिए हैं। इन राज्यों में धूल भरी आंधी के साथ वर्षा की संभावना जताई गई है। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी चेतावनी जारी की गई है। तेज हवाओं के कारण तापमान में गिरावट आ सकती है, लेकिन किसानों और खुले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गरज-चमक के साथ बारिश
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में 15 और 16 मार्च के दौरान मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार इन क्षेत्रों में बादल छाने के साथ गरज-चमक और हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। इससे लगातार बढ़ रही गर्मी से लोगों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि तेज हवाओं और बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
पहाड़ी क्षेत्रों में भी मौसम का असर
हिमालयी क्षेत्रों में भी इस पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव देखने को मिल सकता है। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू, चंबा और कांगड़ा जिलों में वर्षा और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। कुछ ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी भी हो सकती है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है और स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
देश के अन्य हिस्सों में भी चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर से लेकर दक्षिण भारत तक कई राज्यों में बिजली गिरने और वर्षा की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव मौसमी प्रणाली के कारण हो रहा है, जो आने वाले दिनों में तापमान को संतुलित करने में सहायक हो सकता है। हालांकि तेज हवाओं और आंधी के कारण लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की आवश्यकता है।
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