देश के प्रतिष्ठित नागरिक अलंकरण समारोह का पहला चरण 25 मई को राष्ट्रपति भवन में आयोजित किया जाएगा, जहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली हस्तियों को पद्म पुरस्कार प्रदान करेंगी। इस वर्ष केंद्र सरकार ने कुल 131 पद्म सम्मानों की घोषणा की है, जिनमें पांच पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री पुरस्कार शामिल हैं। विज्ञान, कला, साहित्य, सामाजिक सेवा और खेल जगत के साथ-साथ मनोरंजन उद्योग के कई दिग्गज भी इस सम्मान सूची में शामिल हैं।
भारतीय सिनेमा के ‘ही-मैन’ धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण
हिंदी फिल्म जगत के स्वर्णिम अध्यायों में अपना नाम दर्ज कराने वाले धर्मेंद्र को मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया जाएगा। दशकों तक दर्शकों के दिलों पर राज करने वाले धर्मेंद्र ने एक्शन, रोमांस, कॉमेडी और संवेदनशील भूमिकाओं के जरिए भारतीय सिनेमा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। शोले, चुपके चुपके और फूल और पत्थर जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को आज भी भारतीय सिनेमा की अमूल्य धरोहर माना जाता है। यह सम्मान उनके लंबे और प्रभावशाली फिल्मी सफर को राष्ट्र की श्रद्धांजलि के रूप में देखा जा रहा है।
ममूटी के शानदार करियर को मिला पद्म भूषण का गौरव
मलयालम सिनेमा के महानायक ममूटी को भारतीय फिल्म उद्योग में उनके असाधारण योगदान के लिए पद्म भूषण से सम्मानित किया जाएगा। चार दशकों से अधिक लंबे करियर में उन्होंने मलयालम, तमिल और हिंदी फिल्मों में अनेक यादगार किरदार निभाए हैं। अभिनय की विविधता और सामाजिक विषयों पर आधारित फिल्मों में उनकी प्रभावशाली उपस्थिति ने उन्हें भारतीय सिनेमा के सबसे सम्मानित कलाकारों में शामिल किया है। इससे पहले उन्हें वर्ष 1998 में पद्म श्री से भी सम्मानित किया जा चुका है।
सुरों की दुनिया की चमकती आवाज अलका याग्निक को भी सम्मान
भारतीय संगीत जगत की चर्चित पार्श्व गायिका अलका याग्निक को भी इस वर्ष पद्म सम्मान से नवाजा जाएगा। उनकी मधुर आवाज ने पिछले तीन दशकों में हिंदी सिनेमा के अनगिनत लोकप्रिय गीतों को अमर बना दिया। रोमांटिक गीतों से लेकर भावनात्मक रचनाओं तक, अलका याग्निक की गायकी भारतीय संगीत प्रेमियों के दिलों में विशेष स्थान रखती है। उनका सम्मान भारतीय पार्श्व गायन की समृद्ध परंपरा को भी सम्मानित करने जैसा माना जा रहा है।
आर. माधवन की बहुमुखी प्रतिभा को मिला राष्ट्रीय सम्मान
अभिनेता, निर्माता और निर्देशक आर. माधवन को पद्म श्री सम्मान के लिए चुना गया है। ‘मैडी’ के नाम से लोकप्रिय माधवन ने हिंदी और दक्षिण भारतीय सिनेमा दोनों में अपनी अलग पहचान बनाई है। रहना है तेरे दिल में, 3 इडियट्स और रॉकेट्री: द नांबी इफेक्ट जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को व्यापक सराहना मिली। विज्ञान और राष्ट्रनिर्माण की प्रेरक कहानी पर आधारित ‘रॉकेट्री’ के लिए उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हो चुका है।
कला और संस्कृति के योगदान को मिला राष्ट्रीय सम्मान
पद्म पुरस्कार केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों का सम्मान नहीं हैं, बल्कि वे भारत की सांस्कृतिक, कलात्मक और रचनात्मक विरासत को भी सम्मानित करते हैं। इस वर्ष सम्मानित होने जा रही फिल्म और संगीत जगत की हस्तियां उन कलाकारों का प्रतिनिधित्व करती हैं जिन्होंने दशकों तक अपनी प्रतिभा, समर्पण और सृजनशीलता से भारतीय समाज को समृद्ध बनाया है। पद्म पुरस्कार 2026 एक बार फिर यह संदेश देता है कि कला और संस्कृति के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तित्व राष्ट्र की अमूल्य धरोहर हैं।