कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण के मतदान के दिन यानी 23 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तर २४ परगना के पानीहाटी में एक ऐतिहासिक जनसभा करेंगे। यह सभा इसलिए खास है क्योंकि पीएम मोदी यहाँ आरजी कर अस्पताल की मृत महिला डॉक्टर (अभया) की मां के लिए वोट मांगेंगे, जो इस बार भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं।
महिला आरक्षण बिल बना बड़ा मुद्दा
संसद में महिला आरक्षण से संबंधित तीन संवैधानिक संशोधन बिलों के गिरने के बाद सियासत गरमा गई है। विपक्ष की एकजुटता के कारण यह बिल पारित नहीं हो सका, जिसके बाद शनिवार को राष्ट्र के नाम संबोधन में प्रधानमंत्री ने विपक्षी दलों (विशेषकर TMC) को 'नारी विरोधी' बताया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 23 अप्रैल को मोदी इसी मुद्दे को पानीहाटी की धरती से और हवा देंगे।
पानीहाटी और अभया की मां: न्याय की लड़ाई
आरजी कर अस्पताल में हुई दरिंदगी के बाद पूरे देश में गुस्सा था। अब पीड़िता की मां न्याय की उम्मीद में चुनावी मैदान में हैं। उनका आरोप है कि उनकी बेटी की हत्या के पीछे प्रभावशाली राजनीतिक लोग हैं, जिन्हें ममता सरकार बचा रही है। पीएम मोदी की इस सभा का उद्देश्य राज्य की महिला वोटर्स को यह संदेश देना है कि भाजपा ही उनके सम्मान और न्याय की असली संरक्षक है।
आज भी बंगाल में गरजेंगे मोदी और दिग्गज
पानीहाटी दौरे से पहले, आज (रविवार) भी प्रधानमंत्री बंगाल के चार जिलों— बांकुरा, पुरुलिया, झाड़ग्राम और बिष्णुपुर में जनसभाएं कर रहे हैं। उनके साथ भाजपा के अन्य शीर्ष नेता:
जेपी नड्डा, राजनाथ सिंह और नितिन नवीन भी आज विभिन्न जिलों में कमान संभालेंगे।
ये सभी नेता महिला आरक्षण बिल का विरोध करने के लिए तृणमूल कांग्रेस को कटघरे में खड़ा करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।
TMC के वोट बैंक पर सीधी चोट
2021 और 2024 के चुनाव परिणामों ने दिखाया था कि बंगाल की महिलाएं ममता बनर्जी का मजबूत आधार हैं। भाजपा इसी आधार को हिलाने के लिए 'आरजी कर कांड' और 'महिला आरक्षण बिल' को 'सफेद हथियार' के रूप में इस्तेमाल कर रही है। एक भाजपा नेता के शब्दों में, "बिल का विरोध कर टीएमसी ने अपने ताबूत में आखिरी कील ठोक दी है।"
23 अप्रैल को पानीहाटी के अलावा प्रधानमंत्री नदिया और दक्षिण 24 परगना में भी जनसभाएं करेंगे, जो पहले चरण के 152 निर्वाचन क्षेत्रों के समीकरणों को प्रभावित कर सकती हैं।