तमिलनाडु के कोयंबटूर में आयोजित चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री Narendra Modi ने महिला आरक्षण मुद्दे पर विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ राजनीतिक बहस नहीं है, बल्कि देश की महिलाओं के अधिकारों से जुड़ा गंभीर विषय है। पीएम मोदी ने कहा कि अगर यह विधेयक पूरी तरह से लागू हो जाता तो तमिलनाडु समेत पूरे देश की कई महिलाओं को संसद और विधानसभा में प्रतिनिधित्व का अवसर मिलता, लेकिन कुछ राजनीतिक दलों ने इसे रोकने का काम किया।
कांग्रेस और डीएमके पर गंभीर आरोप, जनता से पूछने की अपील
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस और डीएमके पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि संसद में महिला आरक्षण विधेयक का विरोध करना दुर्भाग्यपूर्ण है और यह महिलाओं के सशक्तिकरण के खिलाफ कदम है। पीएम मोदी ने रैली में मौजूद लोगों से अपील की कि जब डीएमके नेता वोट मांगने आएं तो उनसे यह सवाल जरूर पूछें कि उन्होंने महिला आरक्षण जैसे अहम बिल का विरोध क्यों किया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अब लोग सच समझ चुके हैं।
डीएमके पर तीखा वार, “जनता सब समझ चुकी है”
पीएम मोदी ने डीएमके पर हमला करते हुए कहा कि अब जनता सब देख और समझ रही है। उन्होंने कहा कि जो लोग महिलाओं को अधिकार देने वाले कानून का विरोध करते हैं, उन्हें जनता जवाब देगी। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि विपक्ष के “झूठ और भ्रम” अब ज्यादा दिन नहीं चलने वाले हैं और जनता विकास और सुशासन के साथ खड़ी है।
तमिलनाडु की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत
अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि तमिलनाडु की राजनीति में बदलाव की आहट साफ दिखाई दे रही है। उन्होंने दावा किया कि राज्य की जनता अब एक नई दिशा चाहती है और आने वाले समय में राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि यह समय बदलाव का है और विकास की राजनीति को आगे बढ़ाने की जरूरत है।