संसद के बजट सत्र 2026-27 की शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के संबोधन से हुई। लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने सरकार की प्राथमिकताओं, उपलब्धियों और आगे की दिशा को साफ शब्दों में रखा है। विपक्ष के हंगामे के बीच शुरू हुए इस भाषण में सामाजिक न्याय, अर्थव्यवस्था, अंतरिक्ष, पूर्वी भारत और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे अहम मुद्दे छाए रहे।
बजट सत्र दो चरणों में आयोजित किया जा रहा है
बजट सत्र दो चरणों में आयोजित किया जा रहा है। पहला चरण बुधवार से शुरू होकर 13 फरवरी तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण 9 मार्च से शुरू होकर 2 अप्रैल तक चलेगा, जिसमें बजट पर विस्तृत चर्चा होगी। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इसकी जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दी।
कई योजनाओं पर काम किया जा रहा है
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि सरकार पूर्वी भारत के विकास को विशेष प्राथमिकता दे रही है। बुनियादी ढांचे, उद्योग और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने के लिए इस क्षेत्र में कई योजनाओं पर काम किया जा रहा है। उन्होंने संकेत दिए कि क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करना सरकार की विकास नीति का अहम हिस्सा है, ताकि हर हिस्से में समान प्रगति सुनिश्चित हो सके।
इस समय 150 वंदे भारत ट्रेनें संचालित हो रही हैं
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि देश में इस समय 150 वंदे भारत ट्रेनें संचालित हो रही हैं, जो आधुनिक बुनियादी ढांचे का प्रतीक हैं। उन्होंने बताया कि यूरोपीय संघ के साथ प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता सेवा और विनिर्माण क्षेत्रों को नई गति देगा और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेगा।
पिछड़े वर्गों का कल्याण सरकार की प्राथमिकता है
उन्होंने कहा कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पुराने नियमों में बदलाव किया जा रहा है और सरकार ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ के रास्ते पर आगे बढ़ रही है। राष्ट्रपति ने कहा कि पिछड़े वर्गों का कल्याण सरकार की प्राथमिकता है और महिलाओं को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के जरिए सशक्त बनाया जा रहा है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि इस अभियान ने भारत के साहस और संकल्प को दुनिया के सामने रखा है।
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