लखनऊ। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ कथित दोहरी नागरिकता मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने ही आदेश पर 24 घंटे के भीतर यूटर्न लिया है। लखनऊ खंडपीठ ने शुक्रवार को ओपन कोर्ट में दिए गए एफआईआर दर्ज करने के आदेश को रोक दिया।
बिना नोटिस एफआईआर नहीं हो सकती
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने से पहले नोटिस जारी करना अनिवार्य है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि वर्ष 2014 की पूर्ण पीठ के फैसले के अनुसार, एफआईआर दर्ज कराने की मांग खारिज होने पर केवल पुनरीक्षण याचिका ही सम्भव है और उस याचिका पर अभियुक्त को नोटिस देना जरूरी है।
मामला और आरोप
याचिकाकर्ता ने राहुल गांधी पर भारतीय दंड संहिता, आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम, विदेशी अधिनियम और पासपोर्ट अधिनियम के तहत गंभीर आरोप लगाए हैं। निचली अदालत ने पहले ही इस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसके बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा।
अगली सुनवाई की तारीख
इस मामले में हाईकोर्ट की अगली सुनवाई 20 अप्रैल 2026 को होगी। लखनऊ बेंच ने राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश पर फिलहाल स्थगन लगा दिया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट का यह यूटर्न कानून और प्रक्रिया की अहमियत को रेखांकित करता है। और अगले आदेश तक एफआईआर पर रोक लागू रहेगी।