नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दल अपने राजनीतिक हितों के लिए देश के छात्रों और युवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और युवाओं को गुमराह करने की असफल कोशिश है। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत का जागरूक युवा इन प्रयासों को भली-भांति समझता है और वह विकास, राष्ट्र निर्माण तथा सकारात्मक राजनीति के मार्ग को ही चुनेगा।
युवाओं के हितों के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध
राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार युवाओं और छात्रों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए लगातार काम कर रही है। सरकार युवाओं के भविष्य, शिक्षा और रोजगार से जुड़े हर मुद्दे को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि किसी भी छात्र या युवा के साथ किसी प्रकार का अन्याय न हो।
उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ राजनीतिक नेता जनता के बीच कृत्रिम आक्रोश पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन देश के युवा अब पहले से अधिक जागरूक हैं और वे राजनीतिक स्वार्थ तथा वास्तविक जनहित के बीच अंतर करना अच्छी तरह जानते हैं।
सड़क पर प्रदर्शन नहीं, संसद में हो बहस
रक्षा मंत्री ने कहा कि संसद लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है और किसी भी मुद्दे पर चर्चा के लिए सरकार पूरी तरह तैयार है। उन्होंने विपक्ष से अपील करते हुए कहा कि यदि वह वास्तव में छात्रों और युवाओं के हितों को लेकर गंभीर है, तो उसे सड़कों पर प्रदर्शन करने के बजाय संसद के भीतर बहस करनी चाहिए।उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संवाद और चर्चा के माध्यम से ही समस्याओं का समाधान निकलता है। संसद का मानसून सत्र ऐसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा के लिए सबसे उपयुक्त मंच है।
हंगामे की वजह से दोनों सदनों की कार्यवाही प्रभावित
संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष के लगातार विरोध और हंगामे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही प्रभावित हुई। राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 3 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी, जबकि लोकसभा की कार्यवाही 23 जुलाई सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
काले कपड़े पहनकर विपक्ष का प्रदर्शन
इससे पहले विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में काले कपड़े पहनकर केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी समेत कई वरिष्ठ विपक्षी नेता शामिल हुए। विपक्ष ने छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने का प्रयास किया, जबकि सरकार का कहना है कि वह हर विषय पर संसद के भीतर चर्चा के लिए तैयार है।
राजनीतिक माहौल गर्म
संसद के मानसून सत्र में छात्रों और युवाओं के मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव लगातार बढ़ता नजर आ रहा है। एक ओर विपक्ष सरकार पर युवाओं के मुद्दों की अनदेखी का आरोप लगा रहा है, तो दूसरी ओर सरकार विपक्ष पर छात्रों को राजनीतिक हथियार बनाने का आरोप लगा रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में संसद के भीतर इस मुद्दे पर तीखी बहस होने की संभावना है।