मेरठ: मेरठ के बहुचर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में जिला अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को हत्या का दोषी करार दिया है। जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत में बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान दोनों के खिलाफ फैसला सुनाया गया। अब अदालत सजा के बिंदु पर सुनवाई करेगी।
126 पेशियों और 22 से अधिक गवाहों के बाद आया फैसला
इस मामले की सुनवाई लंबे समय तक चली। अभियोजन पक्ष की ओर से 22 से अधिक गवाह पेश किए गए और कुल 126 तारीखों पर अदालत में कार्यवाही हुई। सौरभ के भाई, मां और दोस्त के अलावा उन दुकानदारों की भी गवाही हुई, जहां से ड्रम, दवाइयां, चाकू, सीमेंट और रेत जैसी चीजों की खरीद से जुड़े साक्ष्य सामने आए थे।
3 मार्च 2025 को हुई थी सौरभ की हत्या
अभियोजन के मुताबिक, सौरभ राजपूत की हत्या 3 मार्च 2025 को मेरठ के ब्रह्मपुरी क्षेत्र में हुई थी। जांच में सामने आए आरोपों के अनुसार, हत्या के बाद शव को टुकड़ों में कर सीमेंट से भरे नीले ड्रम में छिपाया गया था। यही वजह रही कि यह मामला देशभर में चर्चित हुआ और इसे 'ब्लू ड्रम हत्याकांड' के नाम से जाना जाने लगा।
हत्या के बाद हिमाचल जाने का आरोप
पुलिस की जांच के अनुसार, वारदात के बाद मुस्कान और साहिल मेरठ से बाहर चले गए थे। दोनों के हिमाचल प्रदेश जाने से जुड़े साक्ष्य भी जांच का हिस्सा रहे। बाद में दोनों मेरठ लौटे और पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया। अभियोजन ने अदालत में हत्या से पहले और बाद की कथित तैयारियों से जुड़े कई साक्ष्यों को भी रखा।
अभियोजन ने मांगी फांसी की सजा
दोनों के दोषी करार दिए जाने के बाद अब सजा को लेकर अदालत की अगली कार्यवाही महत्वपूर्ण होगी। अभियोजन पक्ष ने अदालत से मुस्कान और साहिल को मृत्युदंड देने की मांग की है। सरकारी अधिवक्ता केके चौबे के अनुसार, अभियोजन की ओर से गवाहियों और बहस की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। हालांकि अंतिम सजा अदालत साक्ष्यों और कानून के आधार पर तय करेगी।
बचाव पक्ष ने हत्या के आरोप से किया इनकार
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दोनों आरोपियों की ओर से हत्या किए जाने से इनकार किया था। अदालत में अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलों के साथ मामले से जुड़े साक्ष्यों पर विचार किया गया। अब दोषसिद्धि के बाद अदालत यह तय करेगी कि दोनों को कानून के तहत कौन-सी सजा दी जाए।
सौरभ के परिवार ने भी की कड़ी सजा की मांग
फैसले से पहले सौरभ के परिवार की ओर से भी दोनों आरोपियों के लिए फांसी की मांग की गई थी। परिवार की ओर से अदालत में पेश किए गए गवाहों में सौरभ की मां और भाई भी शामिल रहे। परिवार का कहना है कि उन्हें मामले में कड़ी सजा की उम्मीद है।
अब सजा पर टिकी नजर
अदालत ने मुस्कान और साहिल को दोषी तो करार दिया है, लेकिन अभी सजा सुनाई जानी बाकी है। इसलिए मामले की अगली कानूनी प्रक्रिया सजा के निर्धारण को लेकर होगी। अभियोजन पक्ष की ओर से मृत्युदंड की मांग किए जाने के बाद अब अदालत के अगले आदेश पर सभी की नजरें टिकी हैं।