कोलकाता: पश्चिम बंगाल के सियालदह रेलवे स्टेशन पर बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिला है। अब प्लेटफॉर्म 1 से 21 तक फेरीवालों की दुकानों को पूरी तरह हटाकर केवल IRCTC के अधिकृत स्टॉल ही दिखाई देंगे। रेलवे प्रशासन का कहना है कि यह कदम यात्रियों की सुविधा, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए उठाया गया है।
क्या हुआ सियालदह स्टेशन पर?
सियालदह डिवीजन में रोज़ाना लाखों यात्री सफर करते हैं और यहां ट्रेनों की भारी आवाजाही रहती है। ऐसे में प्लेटफॉर्म पर अनधिकृत फेरीवालों की मौजूदगी से भीड़ और अव्यवस्था बढ़ रही थी।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार:
- 200 से अधिक फेरीवालों को प्लेटफॉर्म से हटाया गया
- पहले नोटिस देकर समय दिया गया था
- कई ने स्वयं दुकानें हटा लीं, बाकी पर कार्रवाई हुई
- अब पूरे प्लेटफॉर्म क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त किया गया है
प्रशासन का दावा
रेलवे प्रशासन का कहना है कि प्लेटफॉर्म पर लगातार बढ़ती भीड़ और अव्यवस्था को देखते हुए यह कदम जरूरी था। साथ ही अमृत भारत योजना के तहत स्टेशन के आधुनिकीकरण कार्य में भी यह बदलाव मदद करेगा।
यात्रियों की प्रतिक्रिया
कुछ यात्रियों ने इस फैसले का स्वागत किया है, उनका कहना है कि अब प्लेटफॉर्म पर चलना-फिरना आसान होगा और भीड़ कम होगी।
यह कार्रवाई रेलवे की उस नीति का हिस्सा बताई जा रही है जिसमें स्टेशन परिसरों को व्यवस्थित, सुरक्षित और आधुनिक बनाने पर जोर दिया जा रहा है।