नई दिल्ली: अगर किसी अनजान नंबर से कॉल आए, आप फोन उठाकर 'हेलो' बोलें और सामने वाला तुरंत कॉल काट दे, तो इसे सामान्य नेटवर्क समस्या या रॉन्ग नंबर समझने की भूल न करें। गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाली साइबर सुरक्षा एजेंसी I4C और साइबर दोस्त ने ऐसे मामलों को लेकर लोगों को सतर्क किया है। एजेंसी के मुताबिक यह 'साइलेंट कॉल स्कैम' नाम का एक नया साइबर फ्रॉड है, जिसके जरिए ठग सक्रिय मोबाइल नंबरों की पहचान कर बाद में उन्हें साइबर अपराध का निशाना बनाते हैं।
क्या है साइलेंट कॉल स्कैम?
साइलेंट कॉल स्कैम एक ऑटोमेटेड साइबर फ्रॉड तकनीक है, जिसमें ठग हजारों मोबाइल नंबरों पर एक साथ कॉल करते हैं। उनका उद्देश्य बातचीत करना नहीं, बल्कि यह पता लगाना होता है कि कौन-सा नंबर सक्रिय है। जैसे ही कोई व्यक्ति कॉल उठाकर जवाब देता है, सिस्टम उसकी आवाज पहचान लेता है और नंबर को एक्टिव सूची में जोड़ देता है। इसके तुरंत बाद कॉल अपने आप कट जाती है। यही जानकारी बाद में साइबर अपराधियों के लिए ठगी का आधार बनती है।
गृह मंत्रालय ने क्यों जारी किया अलर्ट?
साइबर सुरक्षा एजेंसी I4C के अनुसार, एक बार नंबर सक्रिय होने की पुष्टि हो जाने के बाद ठग उसी नंबर पर फर्जी कॉल और संदेश भेजना शुरू कर देते हैं। कई मामलों में लोगों को बैंक अधिकारी, पुलिस अधिकारी या सरकारी एजेंसी का कर्मचारी बनकर फोन किया जाता है। कुछ मामलों में डिजिटल अरेस्ट, केवाईसी अपडेट, लॉटरी या निवेश के नाम पर लोगों को फंसाने की कोशिश की जाती है। यही वजह है कि मंत्रालय ने लोगों को ऐसी कॉल्स के प्रति विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
कैसे बनते हैं लोग साइबर ठगी का शिकार?
सक्रिय नंबरों की सूची तैयार होने के बाद साइबर अपराधी लोगों को लगातार टारगेट करते हैं। वे भरोसा जीतने या डर पैदा करने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाते हैं। कई लोग अनजाने में ओटीपी, बैंक डिटेल्स या अन्य निजी जानकारी साझा कर देते हैं, जिसके बाद उनके बैंक खातों से पैसे निकाल लिए जाते हैं। कुछ मामलों में लोगों को कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर भी ठगी की जाती है। इसलिए किसी भी अनजान कॉल पर आंख बंद कर भरोसा करना खतरनाक साबित हो सकता है।
खुद को सुरक्षित कैसे रखें?
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि अगर कोई अनजान नंबर कॉल उठाते ही कट जाए तो उस पर दोबारा कॉल बैक नहीं करना चाहिए। बार-बार ऐसे कॉल आने पर नंबर को तुरंत ब्लॉक कर देना चाहिए। मोबाइल स्क्रीन पर दिखाई देने वाले 'Spam' या 'Suspected Spam' अलर्ट को गंभीरता से लें। किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी बैंकिंग जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड या अन्य संवेदनशील जानकारी साझा न करें। साथ ही संदिग्ध लिंक और मैसेज पर क्लिक करने से भी बचें।
शिकायत कहां और कैसे करें?
अगर किसी व्यक्ति को किसी नंबर पर साइबर ठगी का संदेह हो या उसके साथ धोखाधड़ी की कोशिश की गई हो, तो इसकी शिकायत तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके भी शिकायत की जा सकती है। समय पर रिपोर्ट करने से साइबर अपराधियों पर कार्रवाई करना आसान हो जाता है और अन्य लोगों को भी ठगी का शिकार होने से बचाया जा सकता है।