गुजरात के गिर सोमनाथ में 8 से 10 जनवरी तक आयोजित होने वाला ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ इस वर्ष ऐतिहासिक और आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। यह आयोजन महमूद गजनवी द्वारा सोमनाथ मंदिर पर हमला करने की 1,000वीं वर्षगांठ के अवसर पर किया जा रहा है। सोमनाथ नगरी इस पर्व के माध्यम से देश-दुनिया को आस्था, स्वाभिमान और सनातन संस्कृति के संदेश से जोड़ने जा रही है।
सोमनाथ मंदिर में 24 घंटे ‘ऊंकार नाथ’ का जाप
तीन दिवसीय पर्व के दौरान मंदिर परिसर में लगातार 24 घंटे ‘ऊंकार नाथ’ का जाप किया जाएगा। मंदिर के समुद्र तट पर नावों को विशेष लाइटिंग से सजाया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को एक दिव्य और अलौकिक अनुभव प्राप्त हो।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चार शहरों से विशेष ट्रेनें
श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या और सुविधा को ध्यान में रखते हुए सूरत, राजकोट, वडोदरा और अहमदाबाद से हर दिन सोमनाथ के लिए एक-एक विशेष ट्रेन चलाई जाएगी। इन ट्रेनों से देशभर के संत, धार्मिक संस्थाओं के लोग और श्रद्धालु इस पर्व में शामिल होंगे।
10 जनवरी: सोमनाथ ट्रस्ट बैठक और ड्रोन शो
10 जनवरी की शाम 5:30 बजे सोमनाथ ट्रस्ट के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। इस अवसर पर भव्य ड्रोन शो का आयोजन भी होगा, जो सोमनाथ के इतिहास, संघर्ष और अटूट आस्था को आधुनिक तकनीक के माध्यम से दर्शाएगा।
11 जनवरी: प्रधानमंत्री मोदी का सोमनाथ महादेव को प्रणाम
11 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमनाथ महादेव को प्रणाम करेंगे। उनका भव्य अभिवादन शंख सर्कल से हमीरजी गोहिल की प्रतिमा तक जाएगा। इस दौरान विशेष शोभायात्रा का आयोजन होगा, जिसमें शक्ति और शौर्य के प्रतीक प्रस्तुत किए जाएंगे। साथ ही, प्रधानमंत्री मोदी एक बड़ी बैठक को भी संबोधित करेंगे, जिसमें वे बहादुरी, संघर्ष और अटूट विश्वास के संदेश साझा करेंगे। इस कार्यक्रम में एक लाख से अधिक लोगों के शामिल होने की संभावना है।
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