जोधपुर. बहुराष्ट्रीय वायु युद्ध अभ्यास तरंग शक्ति जोधपुर में भारतीय वायुसेना यानी IAF की महिलाओं की अब तक की सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय भागीदारी दर्ज की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार एक दशक पहले IAF ने महिला पायलटों को फाइटर स्ट्रीम में प्रवेश दिया था। अब दो सप्ताह के इस अभ्यास में 25 से ज्यादा महिला अधिकारी लड़ाकू विमान और अन्य एयरक्राफ्ट उड़ा रही हैं। अभ्यास में अमेरिका फ्रांस जर्मनी संयुक्त अरब अमीरात ऑस्ट्रेलिया बांग्लादेश और श्रीलंका समेत आठ देशों की वायुसेनाएं शामिल हैं। महिलाओं की यह भागीदारी सशस्त्र बलों में उनकी बढ़ती भूमिका को रेखांकित करती है।
पुरुष पायलटों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर
महिला अधिकारी लगभग 125 पुरुष IAF पायलटों के साथ उड़ान भर रही हैं। एक अधिकारी ने कहा कि यह लिंग के बारे में नहीं बल्कि कौशल और प्रदर्शन करने की क्षमता के बारे में है। IAF एक जेंडर-न्यूट्रल सेवा है जहां भूमिकाएं योग्यता और परिचालन क्षमताओं से परिभाषित होती हैं। पहले के अभ्यासों में महिला पायलटों की संख्या शायद ही कभी एक अंक से आगे जाती थी। इस बार की भागीदारी ऐतिहासिक है। अभ्यास में कौशल और प्रोफेशनलिज्म को प्राथमिकता दी जा रही है। महिला पायलट विभिन्न मिशनों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
अंतरराष्ट्रीय भागीदारी और आधुनिक विमान
तरंग शक्ति में शामिल विदेशी एयरक्राफ्ट में F-35 F-16 राफेल A400M A330 MRTT KC-135 C-130 और अन्य विशेष प्लेटफॉर्म शामिल हैं। ये विमान भारतीय वायुसेना के सुखोई राफेल जगुआर मिराज और तेजस जैसे विमानों के साथ उड़ान भर रहे हैं। अभ्यास में विजुअल रेंज और बियॉन्ड विजुअल रेंज कॉम्बैट मिशन एयर मोबिलिटी डायनेमिक टारगेटिंग एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग और कॉम्बैट सर्च एंड रेस्क्यू जैसे ऑपरेशन शामिल हैं। यह IAF के लिए बहुराष्ट्रीय सहयोग और क्षमता प्रदर्शन का महत्वपूर्ण मंच है।
दशक भर का सफर
IAF में महिलाओं को फाइटर स्ट्रीम में शामिल हुए एक दशक बीत चुका है। इस दौरान महिला पायलटों ने विभिन्न भूमिकाओं में अपनी क्षमता साबित की है। तरंग शक्ति में उनकी बड़ी संख्या में भागीदारी इस प्रगति को दर्शाती है। अधिकारियों का कहना है कि योग्यता आधारित चयन से महिलाएं आगे बढ़ रही हैं। अभ्यास में वे पुरुष समकक्षों के साथ बराबरी से मिशन अंजाम दे रही हैं। यह सशस्त्र बलों में महिलाओं की भूमिका के विस्तार का प्रतीक है।
अभ्यास का महत्व और आगे की राह
तरंग शक्ति जोधपुर में दो सप्ताह तक चल रहा है और इसमें आठ देशों की वायुसेनाएं शामिल हैं। महिला पायलटों की भागीदारी से अभ्यास की विविधता बढ़ी है। IAF की जेंडर-न्यूट्रल नीति के तहत कौशल को प्राथमिकता दी जा रही है। यह अभ्यास अंतरराष्ट्रीय सहयोग और भारतीय वायुसेना की क्षमताओं को प्रदर्शित करने का मंच है। महिलाओं की बढ़ती भागीदारी भविष्य में और अधिक अवसरों का संकेत देती है। सशस्त्र बलों में समानता और प्रोफेशनलिज्म की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है।