भारत में आधार जारी करने वाली संस्था भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने बड़ा कदम उठाते हुए देशभर में 2.5 करोड़ से अधिक आधार नंबर निष्क्रिय कर दिए हैं। इसका मुख्य उद्देश्य आधार से जुड़े किसी भी तरह के दुरुपयोग को रोकना है। सरकार ने लोकसभा को जानकारी दी कि ये सभी आधार नंबर उन लोगों के थे, जिनका निधन हो चुका है।
लोकसभा में सरकार की जानकारी
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने लोकसभा में एक लिखित जवाब में बताया कि आधार दुनिया की सबसे बड़ी बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली है, जिसमें फिलहाल लगभग 134 करोड़ सक्रिय आधार धारक हैं। उन्होंने कहा कि आधार डेटाबेस की शुद्धता और सटीकता बनाए रखने के लिए UIDAI लगातार देशव्यापी अभियान चला रहा है, जिसके तहत अब तक 2.5 करोड़ से अधिक मृत व्यक्तियों के आधार नंबर डीएक्टिवेट किए जा चुके हैं।
आधार केवल पहचान का प्रमाण है
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति के निधन के बाद उसका आधार नंबर निष्क्रिय किया जाना बेहद जरूरी है, ताकि पहचान से जुड़ी धोखाधड़ी या सरकारी योजनाओं के गलत इस्तेमाल को रोका जा सके। हालांकि सरकार यह बार-बार दोहरा चुकी है कि आधार नागरिकता का नहीं, बल्कि केवल पहचान का प्रमाण है। लेकिन आज के समय में आधार का उपयोग लगभग सभी सरकारी और गैर-सरकारी कामों में हो रहा है, इसलिए इसकी सुरक्षा बेहद अहम है।
28 जनवरी को लॉन्च हुआ नया आधार ऐप
आधार की सुरक्षा और सुविधाओं को बढ़ाने के लिए UIDAI ने 28 जनवरी को नया आधार ऐप लॉन्च किया है। यह ऐप पुराने mAadhaar ऐप से पूरी तरह अलग है और इसमें कई नए व एडवांस फीचर्स दिए गए हैं। इस ऐप की मदद से यूजर्स घर बैठे कई आधार सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे, बिना आधार केंद्र जाए। यह ऐप फिजिकल आधार कार्ड रखने की जरूरत को भी खत्म करता है और इसे गूगल प्ले स्टोर व एप्पल ऐप स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है।
नए आधार ऐप के खास फीचर्स
नए आधार ऐप में एक यूजर अपने प्रोफाइल के साथ-साथ परिवार के 5 अन्य सदस्यों के आधार प्रोफाइल भी जोड़ सकता है। यानी एक ही मोबाइल नंबर से परिवार के 5 सदस्यों के आधार को मैनेज किया जा सकता है। इसके अलावा, ऐप के जरिए आधार से लिंक मोबाइल नंबर बदलने की सुविधा भी घर बैठे मिलेगी।
UIDAI ने इस ऐप में एडवांस सिक्योरिटी फीचर्स जोड़े हैं, जिनमें QR-कोड आधारित वेरिफिकेशन शामिल है। इससे न तो कहीं आधार कार्ड दिखाने की जरूरत पड़ेगी और न ही कोई अन्य व्यक्ति आपके आधार को एक्सेस कर पाएगा। यह ऐप सिम-बाइंडिंग फीचर पर काम करता है, यानी जिस मोबाइल नंबर से आधार लिंक है, उसी नंबर से ऐप रजिस्टर होगा। फोन में कोई दूसरा सिम होने पर ऐप काम नहीं करेगा। आने वाले समय में इस नए ऐप के जरिए ई-मेल आईडी और नाम बदलने की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
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