कोलकाता/दीघा: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण के मतदान से पहले निर्वाचन आयोग ने सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों-दीघा, मंदारमणि, ताजपुर, शंकरपुर और उदयपुर-को लेकर आयोग ने सख्त निर्देश जारी किया है। इसके तहत मंगलवार (21 अप्रैल) शाम तक सभी पर्यटकों को इन स्थानों को छोड़कर अपने घर वापस लौटना होगा।
शाम 6 बजे से होटल बुकिंग पर रोक
आयोग की विज्ञप्ति के अनुसार, 23 अप्रैल (गुरुवार) को होने वाले पहले चरण के मतदान के मद्देनजर यह फैसला लिया गया है। पूर्वी मेदिनीपुर जिले की सभी सीटों पर पहले चरण में वोट डाले जाएंगे, जिसमें रामनगर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ये सभी समुद्र तटीय स्थल शामिल हैं।
नया नियम: मंगलवार शाम 6:00 बजे से लेकर 23 अप्रैल को मतदान खत्म होने तक बाहरी जिलों का कोई भी व्यक्ति इन इलाकों के होटलों या गेस्ट हाउसों में नहीं रुक सकेगा।
राजनीतिक कार्यकर्ताओं पर नजर: विशेष रूप से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी बाहरी राजनीतिक नेता या कार्यकर्ता पर्यटकों की आड़ में यहां छिपकर चुनावी शांति भंग न कर सके।
पुलिस की सक्रियता और माइकिंग
आयोग के निर्देश के बाद सोमवार रात से ही दीघा मोहना और मंदारमणि तटीय थाना पुलिस ने माइकिंग शुरू कर दी है। पर्यटकों को मंगलवार शाम 5:00 बजे तक इलाका खाली करने के लिए कहा जा रहा है। होटल मालिकों को भी स्पष्ट कर दिया गया है कि वे इस अवधि के दौरान किसी भी बाहरी व्यक्ति को कमरा न दें।
उल्लंघन पर होगी कड़ी सजा
निर्वाचन आयोग ने चेतावनी दी है कि यदि कोई भी व्यक्ति या होटल मालिक इन नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 223 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
आयोग का तर्क:
आयोग के सूत्रों के अनुसार, अक्सर चुनावों के दौरान बाहरी तत्व पर्यटकों के भेष में जिले में प्रवेश कर हिंसा भड़काने की कोशिश करते हैं। इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए पर्यटकों की आवाजाही पर यह अस्थायी रोक लगाई गई है।