यरुशलम: गाजा के मिस्त्र की सीमा पर स्थित शहर रफाह के बाहरी इलाके में इजरायली सेना और फलस्तीनी लड़ाकों के बीच भीषण लड़ाई जारी है। दर्जनों लोग मारे गए और घायल हुए हैं। इस बीच लगभग 1,10,000 लोगों के रफाह छोड़कर खान यूनिस के नजदीक सुरक्षित स्थान पर जाने की सूचना है। संयुक्त राष्ट्र ने रफाह में इजरायली कार्रवाई से भारी खूनखराबे की आशंका जताते हुए गंभीर चिंता जताई है।
सोमवार से रफाह के पूर्वी भाग में चल रही इजरायली सेना की कार्रवाई
इजरायल की युद्ध संबंधी निर्णय लेने वाली कैबिनेट ने रफाह में सैन्य कार्रवाई को बढ़ाने से संबंधित प्रस्ताव पारित कर दिया है। सोमवार से रफाह के पूर्वी भाग में इजरायली सेना की कार्रवाई चल रही थी। अब माना जा रहा है कि इजरायली सेना किसी भी समय बड़ा हमला बोलकर रफाह शहर में घुस सकती है। इस दौरान हमास और इस्लामिक जिहाद ग्रुप के लड़ाकों से उसका टकराव हो सकता है।
भारी खूनखराबे की आशंका में अमेरिका
इस टकराव में बड़ी संख्या में निर्दोष फलस्तीनी मारे जा सकते हैं। इस समय करीब 13 लाख बेघर फलस्तीनी रफाह में शरण लिए हुए हैं। भारी खूनखराबे की आशंका से अमेरिका सहित दुनिया के लगभग सभी देश रफाह में इजरायल की कार्रवाई के खिलाफ हैं लेकिन इजरायल बिना किसी के समर्थन के अकेले ही लड़ने को तैयार है। इस बीच इजरायली सेना ने रफाह क्रॉसिंग पर खाद्य पदार्थों से लदे ट्रक रोक दिए हैं।
संयुक्त राष्ट्र फलीस्तन को 194 वें सदस्य की मान्यता देने पर करेगा विचार
रफाह पर कार्रवाई से पहले राहत सामग्री लेकर जा रहे इन ट्रकों को रोका गया है। इसके कारण गाजा में लोगों के भूख से जूझने का खतरा पैदा हो गया है। साथ ही इन ट्रकों में लदा सामान भी खराब हो रहा है। इस बीच संयुक्त राष्ट्र आमसभा अब फलस्तीन को नए अधिकार और सुविधाएं देने पर विचार करेगी। साथ ही सुरक्षा परिषद से अनुरोध करेगी कि वह फलस्तीन को संयुक्त राष्ट्र के 194 वें सदस्य के रूप में मान्यता दे।