Jaipur: लोकसभा चुनाव में राजस्थान (Rajasthan Politics) में बीजेपी की सीटें कम आने और सीएम बदलने के कांग्रेस नेताओं के बयानों पर पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने पलटवार किया है। राठौड़ ने लोकसभा चुनाव के बाद सीएम बदलने के कांग्रेस नेताओं के बयानों पर कहा कि ये सब मुंगेरीलाल के हसीन सपने हैं। मुंगेरीलाल को हसीन सपने देखने से किसने रोका? राठौड़ सोमवार को बीजेपी प्रदेश मुख्यालय में मीडिया से बातचीत कर रहे थे।
'हम लोग एकजुटता के साथ सीएम भजनलाल के साथ खड़े हैं'
उन्होंने कहा- पूर्व सीएम अशोक गहलोत और कांग्रेस नेताओं को शायद किस्सा कुर्सी का याद आ जाता है। पूरे पांच साल तक गहलोत सरकार में किस्सा कुर्सी का चलता रहा। तू नीचे मैं ऊपर, यह खेल भाजपा में नहीं है। यह कार्यकर्ताओं की पार्टी है। कार्यकर्ता के रूप में हर कोई अपने-अपने पद पर बैठा है। आलाकमान किससे क्या काम लें, यह आलाकमान पर निर्भर करता है। हम सब लोग एकजुटता के साथ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ खड़े हैं।
बीजेपी की सीटें कम आने वाले बयान पर क्या बोले राठौड़?
लोकसभा चुनाव में बीजेपी की कम सीटें आने के बयानों पर राठौड़ ने कहा- मुंगेरीलाल को किसने रोका था कि वो हसीन सपने नहीं देखें। ये उनके हसीन सपने हैं, मुझे 2014 से 2019 का समय याद आता है। जब कांग्रेस के लोग बयानवीर बने थे। दोनों चुनावों में कांग्रेस की क्या हालत हुई थी। इस बार भी बीजेपी का मिशन-25 पूरा होगा। तीसरी बार प्रचंड बहुमत से मोदी सरकार बनेगी।
'कर्ज नहीं चुकाने वाले किसानों की जमीनें नीलाम नहीं होगी'
राठौड़ ने कहा- कर्ज नहीं चुकाने वाले किसानों (Rajasthan Politics) की जमीनें नीलाम नहीं होगी, इसके लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। आचार संहिता हटने के बाद उसे पूरा किया जाएगा। पिछली कांग्रेस सरकार ने जन घोषणा पत्र 2018 में 10 दिन में किसानों का कृषि कर्ज माफ करने की घोषणा की थी। नवंबर 2018 में तत्कालीन विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी ने कहा था कि सत्ता में आते ही 1 से 10 तक गिनती बोलूंगा तो किसानों का संपूर्ण कर्जा माफ हो जाएगा, लेकिन किसानों का कर्ज माफ नहीं हुआ।
राठौड़ ने गहलोत सरकार पर साधा निशाना
कांग्रेस सरकार को उस समय 66 लाख किसानों का कर्ज माफ करने के लिए 99 हजार 996 करोड़ रुपए की आवश्यकता थी। गहलोत सरकार ने 20 लाख किसानों का सिर्फ 14 हजार करोड़ रुपए का कर्जा माफ किया था। इसमें भी पूर्ववर्ती सरकार के 6 हजार करोड़ रुपए शामिल थे। राठौड़ ने कहा- कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में सतीश पूनिया के सवाल के जवाब में सदन में सरकार ने माना था कि जनवरी 2019 से जनवरी 2022 तक कर्ज के कारण किसानों की जमीन कुर्क और नीलाम होने के 22,215 प्रकरण सामने आए और 18,817 किसानों को नोटिस देकर उनकी जमीन नीलाम की गई। कांग्रेस के शासन में समय-समय पर फसली कर्ज नहीं चुकाने पर 1 लाख 35 हजार किसानों के खाते एनपीए (डूबत) हुए। संबंधित बैंकों ने रोडा एक्ट 1974 की धारा 13 और 14 के तहत नीलामी के नोटिस जारी किए थे।
सीएम अशोक गहलोत ने एक दिन पहले किया था ट्वीट
पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने रविवार (Rajasthan Politics) को ट्वीट करते हुए लिखा था- राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के अखबारों में किसानों की जमीन नीलाम करने के लिए छपे ये विज्ञापन 'मोदी की गारंटी' की सच्चाई उजागर कर रहे हैं। भाजपा ने राजस्थान में अपने घोषणा-पत्र के पेज संख्या 42 पर किसानों की जमीन नीलामी रोकना सुनिश्चित करने की बात कही थी। हालांकि राजस्थान में किसानों की जमीन नीलामी की जा रही है। इस किसान विरोधी भाजपा सरकार ने झूठे वादे कर सरकार बना ली, पर इन्हें किसानों की कोई परवाह नहीं है। हमारी सरकार ने कृषि ऋण राहत आयोग बनाया था, पर नई सरकार ने उसे भी क्रियाशील नहीं किया है। मैं मुख्यमंत्री से कहना चाहता हूं कि अविलम्ब आदेश देकर किसानों की भूमि की नीलामी रोककर किसानों को राहत दी जाए और आगे नीलामी न हो सके इसके पुख्ता इंतजाम हों। गहलोत के ट्वीट के बाद भूमि विकास बैंक ने नीलामी के नोटिस रद्द कर दिए हैं।