Jaipur: राजस्थान में भीषण गर्मी और हीटवेव (Rajasthan News) के बीच लोग लगातार बिजली कटौती से परेशान है। वहीं ऊर्जा विभाग बिजली की कमी से जूझ रहा है। इन सबके बीच सरकार अन्य राज्यों को बिजली लौटाने का काम कर रही है। आंकड़ों पर नजर डालें तो ऊर्जा विभाग प्रतिदिन 200 से 225 लाख यूनिट बिजली अन्य राज्यों को लौटा रहा है। यह प्रदेश में प्रतिदिन बिजली डिमांड का लगभग 5 प्रतिशत है। इसके चलते प्रदेश में बिजली डिमांड के अनुसार पूरी नहीं हो पा रही है। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा- पिछले 5 सालों में गहलोत सरकार ने बिजली उत्पादन और बिजली वितरण तंत्र को मजबूत करने के लिए कोई काम नहीं किया। हमने आते ही इस दिशा में काम शुरू कर दिया है। आने वाले कुछ सालों में राजस्थान बिजली में सरप्लस राज्य होगा।
गहलोत सरकार मे अन्य राज्यों से किया था ये एग्रीमेंट
दरअसल, गहलोत सरकार ने पिछले साल रबी के सीजन में बिजली डिमांड को पूरा करने के लिए अन्य राज्यों से करीब 34,800 लाख यूनिट बिजली का एग्रीमेंट किया था। यह बिजली ऊर्जा विभाग को अक्टूबर 2023 से फरवरी 2024 तक मिली थी। एग्रीमेंट के अनुसार अब प्रदेश को यह बिजली मार्च से लेकर सितंबर तक प्रति माह लौटानी है। प्रदेश में भीषण गर्मी के चलते अप्रैल-मई और जून माह में बिजली की डिमांड बढ़ जाती है। एग्रीमेंट से बंधे होने के कारण विभाग को इस पीक सीजन में भी बिजली लौटानी पड़ रही है। ऐसे में जहां एक तरफ प्रदेश बिजली संकट से गुजर रहा है। दूसरी ओर विभाग अन्य राज्यों को बिजली दे रहा है।
एक तरफ लौटा रहे, दूसरी तरफ खरीद रहे बिजली
एक तरफ जहां ऊर्जा विभाग एग्रीमेंट (Rajasthan News) के चलते अन्य राज्यों को बिजली लौटा रहा है। वहीं, प्रतिदिन प्रदेश में एक्सचेंज के जरिए बिजली खरीदी जा रही है। गुरुवार को भी ऊर्जा विभाग ने 665 लाख यूनिट बिजली एक्सचेंज से खरीदी। यह कुल उपभोग की 20 प्रतिशत बिजली है। इसकी आपूर्ति विभाग खरीदकर कर रहा है। गुरुवार को प्रदेश में 3532 लाख यूनिट बिजली की डिमांड थी, जिसकी एवज में विभाग 3503 लाख यूनिट बिजली की ही आपूर्ति कर सका। इसमें से भी 665 यूनिट बिजली एक्सचेंज से खरीदी गई थी। ऐसे में करीब 29 लाख यूनिट बिजली की कमी रही थी। यही हाल प्रतिदिन का हो रहा है। विभाग डिमांड के मुताबिक बिजली आपूर्ति नहीं कर पा रही है। इसके चलते प्रदेश के शहरी और ग्रामीण इलाकों में अघोषित कटौती से आमजन परेशान हो रहा है।