Barmer: बाड़मेर शहर के नेहरू नगर में दो गाड़ियों (Rajasthan Politics) में आए दर्जन भर लोगों ने भूखण्ड पर कब्जा करने का प्रयास किया। इस दौरान दो पक्ष आपस भिड़ गए। इसमें एक पक्ष के चार जने घायल हो गए। बाड़मेर विधायक प्रियंका चौधरी ने घायलों से हॉस्पिटल में जाकर मुलाकात की। घटनाक्रम की जानकारी लेकर एसपी को नामजद आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की।
क्या बोली प्रियंका चौधरी?
मीडिया बातचीत में प्रियंका चौधरी ने कहा कि सदर थाने के चार पुलिसकर्मियों को निलंबित करने पर सवाल खड़े किए है। विधायक ने कहा कि आप पुलिसकर्मियों के साथ न्याय कीजिए, जब वर्दी के साथ न्याय नहीं कर पाओंगे तो जनता के साथ कैसे न्याय करोंगे। चौधरी ने खुली चेतावनी देते हुए कहा कि मैं सभी को कहना चाऊंगी की यह जो कब्जा करने की हिमाकत की है पुराने दिन नहीं है। यह नहीं होने दूंगी। बाड़मेर के अंदर इस तरह की दादागिरी, गुदागर्दी यह प्रियंका चौधरी बर्दास्त नहीं करेगी। सब कान खोलकर सुन लें।
क्या बोली विधायक?
विधायक ने कहा कि बाड़मेर शहर के अंदर दिनदहाड़े एक भूखंड पर कब्जा करने का प्रयास किया गया। इस तरीके से वीडियो आए यह बात तय है कि प्लान के तहत कब्जा करने का प्रयास था। वहां पर क्रेन और मशीन, कंटेनर लेकर आए। जो कब्जा करने आए थे वो धारदार हथियार लेकर आए थे। उनके पास सरिए, कुल्हाड़ियां थी। हॉस्पिटल में महिलाओं को चोट लगी हुई है। युवकों के सिर में टांके आए हुए है। किसी भी हद तक घटना हो सकती थी। जान का भी नुकसान हो सकता है।
पुलिस की कार्यशैली पर उठाए सवाल
प्रियंका चौधरी ने नेहरू नगर मामले (Rajasthan Politics) में दो चीज सामने निकल कर आ रही है। या तो पुलिस का खौफ जनता में खत्म हो गया है। या फिर किसी न किसी शह जरूर है। वरना किसी की हिम्मत नहीं है दिनदहाड़े ऐसी हरकत करें। मुझे सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस को फोन किया, कुछ पुलिसकर्मी पहुंचे थे। लेकिन जो कार्रवाई हुई वो संतोषजनक नहीं हुई है।
पुलिस शांति व्यवस्था बनाए रखने में नाकाम
चौधरी ने कहा कि एसपी से मुलाकात की और उन्होंने कहा कि चार जनों को अरेस्ट किया है। एफआईआर में 11 जने नामजद है। एसपी ने भरोसा दिया है कि शाम तक सभी को गिरफ्तार कर लेंगे। अगर अरेस्ट नहीं कर पाते है तो वो अपने अधिकारी उनके खिलाफ सख्त एक्शन लेंगे। पुलिस की ड्यूटी है कि लोगों में भय का माहौल है उसे खत्म करें। जिस तरीके से घटनाएं हो रही है इसमें पुलिस शांति व्यवस्था बनाए रखने में नाकाम रही है।
विधायक ने सदर थाने में चार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई पर उठाए सवाल
बीते दिनों निर्दलीय प्रत्याशी रविंद्र सिंह भाटी (Rajasthan Politics) के कार्मिक के साथ पुलिसकर्मियों की ओर से मारपीट के बाद बाड़मेर एसपी ने चार पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया था। इस पर प्रियंका चौधरी ने सवाल खड़े करते हुए कहा कि इनको सस्पेंड करने की नौबत क्यूं आ गई। जो जिम्मेदार अधिकारी था उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। चार निर्दोष थे उस पर कार्रवाई करने की स्थिति आ गई। उस मामले में भी एसपी से बात हुई है। वर्दी के साथ कम से कम न्याय कीजिए। वर्दी के साथ न्याय नहीं कर पाएंगे तो जनता के साथ कैसे न्याय कर पाओंगे। इसमें उन्होंने आश्वासन और भरोसा दिया है कि देखते और शाम तक इंतजार करते है।
विधायक ने दी सबको खुली चेतावनी
मीडिया बातचीत में विधायक प्रियंका चौधरी ने कहा कि मैं सभी को कहना चाहूंगी कि कब्जा करने की हिमाकत और जरूरत की है। पुराने दिन और वक्त नहीं है। यह नहीं होने दूंगी। बाड़मेर के अंदर इस तरीकी दादागिरी और गुड़ागर्दी नहीं होने दूंगी। इसें प्रियंका चौधरी बर्दास्त नहीं करेगी। सब कान खोलकर सुन लो।
यह था मामला
नेहरू नगर में एक भूखंड पर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया था। घटना में भूखंड पर कब्जा करने पहुंचे पक्ष ने कुछ लोगों के साथ मारपीट भी की है। मारपीट में हेमंत कुमार व मनोज कुमार चोटिल हुए हैं। दोनों का गवर्नमेंट हॉस्पिटल में में उपचार करवाया है। एक पक्ष के लोग कंटेनर लेकर खाली भूखंड पर कब्जा करने पहुंचे थे। ऐसी स्थिति में विवाद हो गया। उसके बाद मारपीट की घटना हुई है। पुलिस ने क्रेन चालक स्वरूपा राम को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार किया है।