Jaipur: राजस्थान की सबसे बड़ी लोकसभा सीट (Rajasthan Politics) से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी सोशल मीडिया पर ट्रेंड करते-करते आज अचानक ट्रोल होने लगे। लोगों ने भाटी की तस्वीरें शेयर करते हुए 'जातिवादी' होने का ठप्पा लगाया, जिसके चलते एक्स पर (#जातिवादी_रविंद्र_भाटी) टॉप ट्रेंड चार्ट में सबसे ऊपर नजर आने लगा। राजस्थान की जनता भाटी से पूछ रही है कि एक अपराधी के मरने पर निर्दलीय विधायक इतना दुखी क्यों है? क्या युवा नेता की स्वजातीय से कोई मर्डर भी करे तो भी दोषी नहीं है? क्या ऐसे अपराधी के लिए धरना देना चाहिए?
बाड़मेर जेल में कैदी की मौत के बाद धरने से बवाल
इन सभी सवालों को बुधवार सुबह बाड़मेर जिला कारागृह में हुई एक विचारधीन कैदी की संदिग्ध मौत से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसको लेकर प्रदेशभर में सियासत गरमाई हुई है। हत्या के मामले में जेल गए मृतक आरोपी के परिजन इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जेल प्रशासन पर सवाल खड़े कर रहे हैं। उनका कहना है कि मृतक कैदी पिछले 20 दिनों से बीमार था, लेकिन पुलिस प्रशासन ने उसके इलाज में लापरवाही बरती, जिस कारण जेल में ही उसकी मौत हो गई। दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर मृतक कैदी के परिजन कल से कारागृह के सामने धरने पर बैठे हैं। उनके समर्थन में रविंद्र सिंह भाटी भी धरने पर बैठ गए हैं और उन्होंने आज महापड़ाव की चेतावनी दी हुई है। जिला प्रशासन के साथ कई दौर की बातचीत के बाद भी इस विवाद का कोई हल निकलता हुआ नजर नहीं आ रहा है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि भाटी आज महापड़ाव का ऐलान कर सकते हैं। लेकिन इससे पहले ही सोशल मीडिया पर उनकी ट्रोलिंग शुरू हो गई है।
कारागृह के सामने जुटने लगे रविंद्र भाटी के समर्थक
गुरुवार सुबह से ही रविंद्र सिंह भाटी (Rajasthan Politics) के समर्थक जेल के बाद जुटने लगे हैं, जिस कारण वहां भीड़ बढ़ने लगी है। रविंद्र सिंह का आरोप है कि जेल में 150 कैदियों की क्षमता के विरुद्ध 300 के करीब कैदी भरी हुए हैं। ऐसे में बंद कैदियों को भीषण गर्मी के चलते काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसी कारण कैदी जय सिंह की मौत हुई है। बीमार होने के बावजूद जेल प्रशासन ने उसका उचित इलाज नहीं कराया, जिस कारण उसने बीमारी से लड़ते हुए दम तोड़ दिया। भाटी की मांग है कि मामले में हत्या का मामला दर्ज कर दोषी अधिकारियों के विरुद्ध तुरंत कार्रवाई की जाए। लेकिन इसको लेकर फिलहाल सहमति नहीं बनी है. ऐसे में रविंद्र सिंह भाटी परिजनों के साथ धरने पर बैठे हुए हैं, और महापड़ाव पर विचार कर रहे हैं। इस बीच भाटी की ट्रोलिंग के साथ (#36कौम_का_साथी_भाटी) वाला हैशटैग भी एक्स पर ट्रेंड करने लगा है। इस पर करीब 7400 पोस्ट हो चुकी हैं। यह हैशटैग रविंद्र सिंह भाटी के पक्ष में चलाया जा रहा है। इसके जरिए भाटी समर्थक रविंद्र सिंह को 36 कौम का साथी बता रही है।