Bharatpur: भरतपुर में हुई पंचायत पर विश्वेंद्र सिंह (Divya Singh) के बेटे कुंवर अनिरुद्ध सिंह और पत्नी दिव्या सिंह ने 22 मई यानी बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि कल चामुंडा माता मंदिर पर पंचायत हुई थी, उसमें भरतपुर पीसीसी सदस्य ने कहा था कि एक बड़े कांग्रेस नेता का हाथ है। विश्वेंद्र सिंह की पत्नी ने पूर्व सीएम अशोक गहलोत का नाम लिया। उन्होंने कहा कि अशोक गहलोत ने दो-ढाई साल तक खूब घी छिड़का है। गहलोत ने ही आग लगाने का काम किया है। साथ ही घाव में घी छिड़कने का कार्य किया है।
"हमें कोई पंचायत जोड़ने की जरूरत नहीं है"
कुंवर अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि यह मामला एसडीएम कोर्ट में है। हम लोगों को अदालत पर पूरा भरोसा है। हमें कोई पंचायत जोड़ने की जरूरत नहीं है। दिव्या सिंह ने कहा कि 35 साल में हमने काफी पंचायत देखी है। परिवार के खिलाफ तीन पंचायत हुई थी, जो कुंवर अरुण सिंह, पूर्व मंत्री कृष्ण कौर दीपा सिंह और रघुराज सिंह के खिलाफ थी।
"पंचायत का कोर्ट पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा"
कुम्हेर में मां चामुंडा पर विश्वेंद्र सिंह के पारिवारिक विवाद कल यानी 21 मई को पंचायत हुई थी, जिसमें 51 लोगों की कमेटी बनाई गई। इस पर दिव्या सिंह ने कहा, "चाहे 51,100 या फिर 51 हजार की कमेटी बना लीजिए. हम लोगों को पंचायत से कोई फर्क नही पड़ता है। इसका असर एसडीएम कोर्ट पर नहीं पड़ेगा। हमें कोर्ट पर पूरा भरोसा है, जो भी फैसला होगा वह मान्य होगा।"
"भरतपुर राज परिवार का निकास करौली राज परिवार से हुआ"
अनिरुद्ध सिंह ने कहा, "एक समाज जो हर किसी का ठेका लेकर घूमने की इच्छा प्रकट करता है। भरतपुर राज परिवार का निकास करौली राज परिवार से हुआ है. कैला देवी माता हमारी कुल देवी हैं। ईष्ट भगवान गिर्राज जी महाराज हैं।" दिव्या सिंह ने कहा किसी भी इतिहासकार से पूछ लीजिए महाराजा सवाई बृजेंद्र सिंह ने भी मुझे इस बारे में बताया था।
" हमारे कॉल रिकार्ड किए जा रहे हैं"
पूर्व सांसद दिव्या सिंह ने पूर्व सीएम अशोक गहलोत का नाम लेते हुए कहा कि उन्होंने दो-ढाई साल तक खूब घी छिड़का है। उन्होंने आग लगाने का काम किया है। साथ ही घाव में घी छिड़कने का काम किया है। उन्होंने कहा हमारे किसी खास व्यक्ति ने जानकारी दी कि हमारे कॉल रिकार्ड किए जा रहे हैं।
"गहलोत से मिलने नहीं दिया गया"
दिव्या सिंह ने कहा कि मोती महल के बाहर जो (Divya Singh) नगर निगम एरिया है, उसका सौंदर्यीकरण प्रोजेक्ट सेंशन हुआ था। उसे रोक दिया गया। हमे किसी काम की परमिशन चाहिए थी, वह सभी रोक दी गई। पूर्व सीएम अशोक गहलोत से मिलने का कई बार प्रयास किया, मिलने नहीं दिया गया।
"कीमती वस्तु महल से गायब हाती है तो इसके जिम्मेदार पूर्व सीएम गहलोत होंगे"
दिव्या सिंह ने कहा कि मोती महल परिसर ऐतिहासिक धरोहर है। उसमें एंटीक बस्तुए हैं, जिनकी सुरक्षा के लिए पूर्व सीएम अशोक गहलोत से गार्ड जाप्ता मांगा था। सुरक्षा को लेकर गार्ड लगाने की बात कही, लेकिन उन्होंने उसको ड्रॉप कर दिया। अगर कल कोई कीमती वस्तु महल से लापता होती है तो इसका जिम्मेदार पूर्व सीएम गहलोत होंगे। अपने पक्ष में फेसबुक पर पोस्ट डालने के लिए हमारे लोगों को काफी परेशान किया गया। उन्होंने कहा कि हमारे और हमारे लोगो के पास धमकी भरे कॉल आए हैं। हम लोगों ने सुरक्षा के लिए पहले ही चिट्ठी दे रखी है।