Jaipur: राजस्थान में भीषण गर्मी के बीच बिजली (Rajasthan News) की मांग करीब 20 प्रतिशत तक बढ़ गई, जिसकी आपूर्ति को लेकर संकट खड़ा हो गया है। राजस्थान के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने बिजली विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को राज्य में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पीक आवर्स के दौरान बिजली सप्लाई को लेकर आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
1500 मेगावाट उत्पादन क्षमता के साथ खोल रहे पॉवर प्लांट
नागर ने असुविधा और बिजली कटौती के पीछे के कारणों से अवगत कराते हुए कहा कि हम स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। पर्याप्त मांगों को पूरा करने के लिए हम अन्य राज्यों से बिजली खरीद रहे हैं और आने वाले दिनों में हम 1500 मेगावाट उत्पादन क्षमता के साथ अपने पावर प्लांट को फिर से खोल रहे हैं। बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए, हमने छुट्टियां रद्द कर दी हैं और अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे मांगों को पूरा करने और सुचारू बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बिना पूर्व सूचना के मुख्यालय न छोड़ें। हमने उन्हें निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की आवश्यकता के बारे में सूचित किया है।
ऊर्जा मंत्री ने गहलोत सरकार पर कसा तंज
इस दौरान ऊर्जा मंत्री ने पिछली सरकार (Rajasthan News) पर तंज कसते हुए कहा, 'पिछली अशोक गहलोत सरकार की ऊर्जा क्षेत्र के प्रति लापरवाही के कारण आज आम आदमी को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन हमारी सरकार निवासियों को राहत प्रदान करने के लिए इस क्षेत्र में लगातार प्रयास और सुधार कर रही है।' इससे पहले, मंगलवार को मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने सार्वजनिक स्वास्थ्य इंजीनियरिंग विभाग (PHED) और बिजली वितरण निगमों के अधिकारियों को निर्बाध बिजली आपूर्ति और नियमित पेयजल सुनिश्चित करने के लिए उपाय करने का निर्देश दिया था। उन्होंने अधिकारियों को हेल्पलाइन नंबरों को व्यापक रूप से प्रसारित करने का भी निर्देश दिया और सभी शिकायतों का समयबद्ध तरीके से तुरंत समाधान किया जाएगा। उन्होंने जिला और राज्य स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित करने और निगरानी करने के भी निर्देश दिये।