नई दिल्ली - इंग्लैंड क्रिकेट में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। टीम के नियमित टेस्ट कप्तान बेन स्टोक्स के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने अनुभवी बल्लेबाज जो रूट को एक बार फिर टेस्ट टीम की कप्तानी सौंप दी है। करीब चार साल बाद रूट दोबारा इस भूमिका में नजर आएंगे। बोर्ड को उम्मीद है कि उनका अनुभव टीम को नई दिशा देने में मदद करेगा।
स्टोक्स के संन्यास के बाद लिया गया फैसला
इंग्लैंड के सीनियर खिलाड़ी बेन स्टोक्स लंबे समय से इंग्लैंड की टेस्ट टीम का नेतृत्व कर रहे थे। हालांकि, उनके अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से हटने के फैसले के बाद कप्तानी का पद खाली हो गया। इसके बाद चयनकर्ताओं ने अनुभवी खिलाड़ी जो रूट पर भरोसा जताते हुए उन्हें दोबारा टीम की कमान सौंपने का निर्णय लिया। इससे पहले भी रूट इंग्लैंड की टेस्ट टीम का नेतृत्व कर चुके हैं और उनके पास कप्तानी का अच्छा अनुभव है।
टेस्ट क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल
आपको बता दें कि, जो रूट को आधुनिक दौर के सबसे सफल टेस्ट बल्लेबाजों में गिना जाता है। उन्होंने 150 से अधिक टेस्ट मुकाबलों में 13,500 से ज्यादा रन बनाए हैं और उनका बल्लेबाजी औसत 50 से ऊपर रहा है। लगातार रन बनाने की क्षमता और लंबी पारियां खेलने की कला ने उन्हें इंग्लैंड क्रिकेट के महान खिलाड़ियों की सूची में शामिल कर दिया है।
शतकों के मामले में दिग्गजों की बराबरी
रूट के नाम टेस्ट क्रिकेट में 41 शतक दर्ज हैं। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के महान बल्लेबाज रिकी पोंटिंग के शतकों की बराबरी कर ली है। इसके अलावा वह टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले खिलाड़ियों की सूची में लगातार आगे बढ़ रहे हैं और शीर्ष रिकॉर्ड के करीब पहुंच चुके हैं।
वनडे क्रिकेट में भी शानदार रिकॉर्ड
सिर्फ टेस्ट ही नहीं, एकदिवसीय क्रिकेट में भी जो रूट का प्रदर्शन प्रभावशाली रहा है। उन्होंने 190 से अधिक वनडे मैचों में 7,800 से ज्यादा रन बनाए हैं। इस दौरान कई शतकीय पारियां खेलीं और टीम के मध्यक्रम की सबसे मजबूत कड़ी बने रहे। वनडे में उनका सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर 166 रन है, जो उनकी बड़ी पारी खेलने की क्षमता को दर्शाता है।
अनुभव से इंग्लैंड को नई उम्मीद
जो रूट की कप्तानी में इंग्लैंड की टीम एक बार फिर नए सफर की शुरुआत करेगी। उनके अनुभव, शांत नेतृत्व और शानदार बल्लेबाजी को देखते हुए क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि वह टीम को मजबूती देने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। अब सभी की नजरें इस बात पर होंगी कि दूसरी बार कप्तान बनने के बाद रूट इंग्लैंड की टेस्ट टीम को किस तरह नई ऊंचाइयों तक पहुंचाते हैं।