कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्र में तेजी से हो रहे नवाचारों के बीच गूगल ने संगीत सृजन को एक नई दिशा देने की कोशिश की है। कंपनी ने अपने एआई आधारित संगीत निर्माण मॉडल लिरिया 3.5 (Lyria 3.5) को पेश किया है, जिसमें पहले की तुलना में अधिक स्वाभाविक धुनें, बेहतर गीत-रचना, प्रभावशाली गायन शैली और व्यापक रचनात्मक नियंत्रण उपलब्ध कराया गया है। यह नया संस्करण गूगल फ्लो म्यूजिक (Flow Music) के माध्यम से चरणबद्ध तरीके से उपलब्ध कराया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह अपडेट पेशेवर संगीतकारों के साथ-साथ स्वतंत्र रचनाकारों, कंटेंट क्रिएटर्स और डिजिटल कलाकारों के लिए भी उपयोगी साबित हो सकता है।
एआई से तैयार होंगे अधिक स्वाभाविक और भावपूर्ण गीत
गूगल के अनुसार लिरिया 3.5 का सबसे बड़ा सुधार इसकी संगीत रचना क्षमता में दिखाई देता है। नया मॉडल पहले की तुलना में अधिक संतुलित धुनें तैयार करता है और उपयोगकर्ता द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुरूप गीतों के बोल भी अधिक सटीकता से विकसित करता है। कंपनी का दावा है कि एआई द्वारा तैयार किए गए स्वर अब अधिक स्पष्ट, स्वाभाविक और भावनात्मक अभिव्यक्ति से भरपूर होंगे। इससे डिजिटल संगीत निर्माण की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आने की संभावना है। यह तकनीक विशेष रूप से उन रचनाकारों के लिए उपयोगी हो सकती है जो कम समय में उच्च गुणवत्ता वाली संगीत सामग्री तैयार करना चाहते हैं।
गीत के बोल, टेम्पो और वाद्य-संगीत पर मिलेगा व्यापक नियंत्रण
लिरिया 3.5 के साथ गूगल ने रचनात्मक नियंत्रण के नए विकल्प भी जोड़े हैं। अब उपयोगकर्ता तैयार हो चुके गीत के बोलों को दोबारा लिख सकते हैं, उनका दूसरी भाषाओं में अनुवाद कर सकते हैं तथा आवश्यकता के अनुसार टेम्पो और अवधि में बदलाव कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त किसी ट्रैक में प्रयुक्त वाद्य-संगीत को बदलना या पूरे गीत को दोबारा तैयार किए बिना उसमें आवश्यक सुधार करना भी संभव होगा। यह सुविधा उन संगीतकारों और वीडियो निर्माताओं के लिए विशेष रूप से उपयोगी मानी जा रही है, जिन्हें बार-बार छोटे-छोटे बदलाव करने पड़ते हैं।
फ्लो म्यूजिक बन रहा है संपूर्ण एआई संगीत मंच
गूगल का उद्देश्य केवल एआई से गीत तैयार कराना नहीं, बल्कि संगीत निर्माण की पूरी प्रक्रिया को एकीकृत मंच पर उपलब्ध कराना है। फ्लो म्यूजिक अब ऐसे उपकरण प्रदान कर रहा है जिनकी सहायता से उपयोगकर्ता किसी भी गीत के अलग-अलग हिस्सों को स्वतंत्र रूप से संपादित कर सकते हैं। कंपनी ने पहले आयोजित अपने वार्षिक प्रौद्योगिकी सम्मेलन Google I/O 2026 में संगीत वीडियो के लिए संवाद आधारित संपादन सुविधाएं और किसी ट्रैक के विशिष्ट हिस्सों को बदलने वाले उन्नत नियंत्रण भी प्रस्तुत किए थे। इससे यह संकेत मिलता है कि भविष्य में एआई आधारित संगीत निर्माण और वीडियो संपादन का गहरा एकीकरण देखने को मिल सकता है।
लिरिया की यात्रा: प्रयोग से व्यावसायिक मंच तक
गूगल ने वर्ष 2023 में Google DeepMind के अंतर्गत लिरिया परियोजना की शुरुआत की थी। शुरुआती संस्करण मुख्य रूप से पाठ आधारित निर्देशों से संगीत तैयार करने तक सीमित था। इसके बाद जारी लिरिया 3 में पाठ, चित्र और वीडियो के आधार पर गीत तैयार करने की क्षमता जोड़ी गई। यह संस्करण गीतों के बोल, गायन, कवर आर्ट तथा शैली, मूड और टेम्पो जैसी विशेषताओं को भी नियंत्रित कर सकता था। बाद में आए लिरिया 3 प्रो में गीत की अधिकतम अवधि तीन मिनट तक बढ़ाई गई और भुगतान करने वाले Gemini उपयोगकर्ताओं के लिए अतिरिक्त रचनात्मक सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। अब लिरिया 3.5 उसी श्रृंखला का सबसे उन्नत संस्करण माना जा रहा है।
डिजिटल कंटेंट उद्योग को मिल सकती है नई गति
एआई आधारित संगीत निर्माण के बढ़ते उपयोग का प्रभाव केवल मनोरंजन उद्योग तक सीमित नहीं रहेगा। सोशल मीडिया, विज्ञापन, पॉडकास्ट, स्वतंत्र फिल्म निर्माण और डिजिटल शिक्षा जैसे क्षेत्रों में भी इसकी उपयोगिता लगातार बढ़ रही है। यूट्यूब शॉर्ट्स के Dream Track फीचर तथा Google Vids में एआई जनित पृष्ठभूमि संगीत जैसी सुविधाओं के बाद यह स्पष्ट है कि गूगल अपने एआई संगीत पारिस्थितिकी तंत्र का विस्तार तेजी से कर रहा है। हालांकि कंपनी ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि भविष्य में लिरिया 3.5, लिरिया 3 प्रो का स्थान लेगा या दोनों समानांतर रूप से उपलब्ध रहेंगे। साथ ही Google AI Plus, AI Pro और AI Ultra सदस्यता योजनाओं के अंतर्गत अलग-अलग स्तर की सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
एआई संगीत का भविष्य: अवसरों के साथ नई चुनौतियां भी
संगीत निर्माण में एआई का बढ़ता उपयोग रचनात्मकता को नए अवसर प्रदान कर रहा है, लेकिन इसके साथ कॉपीराइट, मौलिकता और कलाकारों के अधिकारों को लेकर बहस भी तेज हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि एआई को मानवीय रचनात्मकता का विकल्प नहीं, बल्कि सहयोगी उपकरण के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। यदि तकनीक का उपयोग पारदर्शिता और नैतिक मानकों के साथ किया जाए, तो यह संगीत उद्योग में नवाचार, प्रयोग और रचनात्मक अभिव्यक्ति के नए आयाम खोल सकती है। लिरिया 3.5 इसी दिशा में गूगल का एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।