अयोध्या. मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की अहम बैठक में अयोध्या में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड यानी एनएसजी का रीजनल हब स्थापित करने के लिए भूमि आवंटन के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी गई है। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या दुनिया भर के श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आस्था का सबसे बड़ा केंद्र बन चुकी है। यहां लगातार बढ़ रही वीआईपी मूवमेंट और अंतरराष्ट्रीय महत्व को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने का मास्टर प्लान तैयार किया गया है। इस फैसले से अयोध्या में ब्लैक कैट कमांडोज की स्थायी मौजूदगी सुनिश्चित होगी। सरकार का लक्ष्य रामनगरी को किसी भी तरह के खतरे से पूरी तरह सुरक्षित बनाना है।
भूमि आवंटन का विवरण
मिल्कीपुर तहसील के ग्राम पूरे लालखां में करीब 26 हेक्टेयर यानी लगभग 65 एकड़ बंजर भूमि को भारत सरकार के गृह मंत्रालय के पक्ष में निःशुल्क हस्तांतरित किया जाएगा। इससे पहले अयोध्या कैंट क्षेत्र के मीरनघाट में भी करीब 8 एकड़ नजूल भूमि एनएसजी सेंटर के लिए दी जा चुकी है जहां निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। अब इस नई जमीन के मिलने से अयोध्या में एनएसजी का दायरा और बड़ा हो जाएगा। दोनों स्थानों को मिलाकर कमांडोज के लिए व्यापक आधार तैयार होगा। भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया जल्द पूरी होने की उम्मीद है जिससे निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ सकेगा।
एनएसजी हब से क्या होगा फायदा
अयोध्या में एनएसजी का रीजनल हब बनने से यहां दुनिया के सबसे प्रशिक्षित कमांडोज और अत्याधुनिक सुरक्षा संसाधनों की हर समय मौजूदगी रहेगी। किसी भी गंभीर सुरक्षा चुनौती या आतंकी खतरे की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता मजबूत होगी। आपात स्थिति में कमांडोज चंद मिनटों में मोर्चा संभाल लेंगे। जरूरत पड़ने पर आसपास के संवेदनशील जिलों और पूरे पूर्वांचल में भी एनएसजी की पहुंच आसान और प्रभावी हो जाएगी। इससे न सिर्फ अयोध्या बल्कि आसपास के क्षेत्रों की सुरक्षा छत्र मजबूत होगी। राम मंदिर और अन्य महत्वपूर्ण स्थलों की सुरक्षा को नई ऊंचाई मिलेगी।
पहले से चल रहा निर्माण कार्य
मीरनघाट में पहले से आवंटित 8 एकड़ भूमि पर एनएसजी सेंटर का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। अब नई भूमि मिलने से पूरे प्रोजेक्ट का विस्तार होगा। दोनों स्थानों को मिलाकर अयोध्या में एक मजबूत सुरक्षा हब तैयार हो जाएगा। निर्माण कार्य में आधुनिक सुविधाओं और प्रशिक्षण केंद्रों का प्रावधान किया जाएगा। कमांडोज के रहने और अभ्यास के लिए जरूरी संरचनाएं विकसित की जाएंगी। सरकार का लक्ष्य जल्द से जल्द इस हब को पूरी तरह सक्रिय करना है ताकि सुरक्षा व्यवस्था में कोई कमी न रह जाए।
स्थानीय लोगों ने किया स्वागत
राम मंदिर और मठ-मंदिरों की सुरक्षा को लेकर अयोध्यावासियों में हमेशा से चिंता रहती थी जो अब एनएसजी की तैनाती से दूर हो जाएगी। स्थानीय निवासियों ने सरकार के इस फैसले का खुले दिल से स्वागत किया है। स्थानीय निवासी अनूप और रूपेश का कहना है कि सुरक्षा की दृष्टि से अयोध्या बेहद संवेदनशील है ऐसे में एनएसजी हब बनने से रामनगरी अभेद्य हो जाएगी और आम लोगों में भी सुरक्षा की भावना मजबूत होगी। अपूर्व पाठक ने बताया कि इसका सीधा फायदा सिर्फ अयोध्या को ही नहीं बल्कि पूर्वांचल के अन्य संवेदनशील क्षेत्रों को भी मिलेगा। लोगों में उत्साह और राहत दोनों का माहौल है।
पूर्वांचल की सुरक्षा को मिलेगा बल
अयोध्या में एनएसजी हब बनने से पूरे पूर्वांचल की सुरक्षा व्यवस्था को नया बल मिलेगा। संवेदनशील जिलों में किसी भी आपात स्थिति में कमांडोज की त्वरित उपलब्धता संभव हो सकेगी। रामनगरी की अंतरराष्ट्रीय पहचान को देखते हुए यह कदम समय की मांग था। सरकार ने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह मास्टर प्लान तैयार किया है। आने वाले समय में अयोध्या न सिर्फ आस्था बल्कि उच्च स्तरीय सुरक्षा का भी प्रतीक बनेगी। दहशतगर्दों के लिए यह अभेद्य किला साबित होगा और श्रद्धालु निश्चिंत होकर दर्शन कर सकेंगे।