देहरादून : मानसून के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और मैदानी इलाकों में जलभराव के कारण सड़कों को काफी नुकसान पहुंचता है। वर्तमान में भी मानसून सक्रिय होने के चलते उत्तराखंड में कई स्थानों पर सड़कें प्रभावित हैं। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश की सड़कों के पुनर्निर्माण और उन्हें गड्ढामुक्त करने के लिए अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में सामान्य तौर पर 15 सितंबर तक बरसात का मौसम रहता है। इसके बाद बारिश में कमी आने लगती है ऐसे में सड़क मरम्मत से जुड़े कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए पहले से तैयारी पूरी करना जरूरी है।
15 सितंबर तक पूरी करनी होगी टेंडर प्रक्रिया
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोक निर्माण विभाग PWD प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना PMGSY समेत सड़क निर्माण और मरम्मत से जुड़े सभी विभागों तथा केंद्रीय एजेंसियों को 15 सितंबर तक सड़क मरम्मत से संबंधित टेंडर प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
सीएम ने अधिकारियों से कहा है कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रदेशभर में सड़क मरम्मत और पुनर्निर्माण के कार्यों को तेजी से शुरू किया जाए। मानसून के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों की स्थिति का आकलन कर प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक कार्य किए जाएंगे।
चारधाम यात्रा और पर्यटकों को देखते हुए प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में आगामी चारधाम यात्रा त्योहारों और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की आवाजाही को देखते हुए सड़कों को दुरुस्त करना सरकार की प्राथमिकता है। बेहतर सड़क व्यवस्था से स्थानीय लोगों के साथ-साथ प्रदेश में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भी सुगम यातायात की सुविधा मिल सकेगी।
पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कों की स्थिति यात्रा और पर्यटन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में मानसून के बाद क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत और पुनर्निर्माण का काम जल्द पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है।
शहरी निकाय और पंचायतें भी अभियान में होंगी शामिल
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क मरम्मत के इस अभियान में केवल राज्य के संबंधित विभाग ही नहीं, बल्कि शहरी निकायों और ग्रामीण क्षेत्रों की पंचायतों को भी शामिल किया गया है। इससे स्थानीय स्तर पर सड़कों की स्थिति सुधारने और जरूरी मरम्मत कार्यों को गति देने में मदद मिलेगी।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और सड़क मरम्मत से जुड़े प्रस्तावों व प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री स्वयं करेंगे निरीक्षण
सीएम धामी ने कहा कि सड़क मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह स्वयं सड़क मरम्मत से जुड़े कार्यों का निरीक्षण करेंगे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि निर्धारित समय में काम पूरा हो और जनता को बेहतर सड़क सुविधा मिल सके।
मानसून समाप्त होने के बाद प्रदेशभर में सड़क मरम्मत के कार्यों को गति देने की तैयारी है। सरकार का लक्ष्य क्षतिग्रस्त सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त कर आगामी यात्रा सीजन और त्योहारों के दौरान लोगों को सुगम एवं सुरक्षित यातायात उपलब्ध कराना है।