मसूरी उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। इसी क्रम में उत्तराखंड क्रांति दल UKD ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है। मसूरी में आयोजित पत्रकार वार्ता में पार्टी के केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष जयप्रकाश उपाध्याय ने कहा कि UKD प्रदेश की सभी 70 विधानसभा सीटों पर अपने दम पर चुनाव लड़ेगा। पार्टी ने किसी भी राष्ट्रीय दल के साथ गठबंधन नहीं करने की बात भी कही है।
सभी 70 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान
जयप्रकाश उपाध्याय ने कहा कि उत्तराखंड क्रांति दल आगामी विधानसभा चुनाव में सभी 70 सीटों पर प्रत्याशी उतारेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी चुनाव में अपने संगठन और क्षेत्रीय मुद्दों के साथ जनता के बीच जाएगी।
UKD नेतृत्व ने यह भी कहा है कि यदि पार्टी सरकार बनाने की स्थिति में नहीं आती है तो वह विपक्ष में रहकर राज्य के मुद्दों को उठाने और उनके लिए संघर्ष करने की भूमिका निभाएगी।
इससे पहले भी UKD की केंद्रीय बैठकों में सभी 70 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की रणनीति पर निर्णय लिया जा चुका है। पार्टी ने अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करने और संभावित प्रत्याशियों की पहचान की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है।
राष्ट्रीय दलों से दूरी रखने की रणनीति
पत्रकार वार्ता में UKD की ओर से स्पष्ट किया गया कि पार्टी किसी राष्ट्रीय दल के साथ चुनावी गठबंधन नहीं करेगी। पार्टी नेतृत्व ने कांग्रेस और भाजपा के खिलाफ जनजागरूकता अभियान चलाने की बात कही है।
UKD का कहना है कि राज्य के छोटे दलों और क्षेत्रीय ताकतों को साथ लेकर जनता के बीच अपने मुद्दों को पहुंचाया जाएगा। पार्टी राष्ट्रीय दलों की राजनीति के बजाय उत्तराखंड से जुड़े स्थानीय मुद्दों को चुनावी बहस के केंद्र में लाने की बात कर रही है।
जमीन और भू-कानून का मुद्दा
जयप्रकाश उपाध्याय ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए राज्य की जमीन से जुड़े मुद्दे उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तराखंड की जमीनों को पूंजीपतियों के हित में इस्तेमाल किया जा रहा है और भू-माफिया को संरक्षण मिलने की बात कही।
ये आरोप UKD नेता की ओर से लगाए गए हैं। इस संबंध में संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया को अलग से शामिल किया जाना आवश्यक होगा।
पलायन और बेरोजगारी पर फोकस
UKD ने आगामी चुनाव के लिए जिन प्रमुख मुद्दों पर काम करने की बात कही है, उनमें पलायन, बेरोजगारी और भू-कानून शामिल हैं। पार्टी का कहना है कि इन समस्याओं के समाधान के लिए वह अपना दृष्टि पत्र जारी करेगी।
UKD पहले भी रोजगार पलायन स्वास्थ्य शिक्षा और भू-कानून जैसे मुद्दों को लेकर चुनावी रणनीति की बात कर चुका है। अप्रैल 2026 की पार्टी बैठक में भी इन मुद्दों को लेकर जनसंपर्क अभियान चलाने की योजना सामने आई थी।
छोटे दलों को साथ लाने की कोशिश
पार्टी ने उत्तराखंड के छोटे राजनीतिक दलों और क्षेत्रीय संगठनों को साथ लेकर अभियान चलाने की बात कही है। इसका उद्देश्य राज्य के स्थानीय मुद्दों को लेकर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाना बताया गया है।
UKD ने चुनावी तैयारियों के तहत संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की दिशा में भी काम शुरू किया है। पार्टी की ओर से पहले हर घर चर्चा हर घर पर्चा जैसे जनसंपर्क अभियानों की घोषणा की जा चुकी है।
2027 चुनाव में क्षेत्रीय मुद्दों पर जोर
उत्तराखंड में अगला विधानसभा चुनाव 2027 में प्रस्तावित है और विधानसभा में कुल 70 सीटें हैं। ऐसे में UKD का सभी सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला राज्य की चुनावी राजनीति में पार्टी की रणनीति को स्पष्ट करता है।
फिलहाल UKD ने चुनावी मैदान में उतरने के लिए सभी 70 सीटों पर संगठन और संभावित उम्मीदवारों को लेकर तैयारियां तेज करने की बात कही है। अब आने वाले समय में पार्टी का दृष्टि पत्र प्रत्याशियों के नाम और चुनावी अभियान किस रूप में सामने आता है इस पर नजर रहेगी।