खटीमा : विशेष गहन पुनरीक्षण SIR प्रक्रिया को लेकर खटीमा में सियासी हलचल तेज होती नजर आ रही है। SIR के तहत आपत्तिकर्ताओं को नोटिस जारी किए जाने के मामले में नानकमत्ता विधायक गोपाल सिंह राणा ने नाराजगी जताते हुए प्रशासन की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।
विधायक गोपाल सिंह राणा का कहना है कि यदि किसी मतदाता के वोट को लेकर किसी व्यक्ति की ओर से आपत्ति दर्ज कराई जाती है और उस आपत्ति के आधार पर मतदाता को नोटिस जारी किया जाता है तो आपत्ति दर्ज कराने वाले व्यक्ति की भी जांच की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया निष्पक्ष होनी चाहिए और किसी भी पक्ष के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए।
फॉर्म नंबर 14 को लेकर उठाए सवाल
विधायक ने खास तौर पर फॉर्म नंबर 14 को लेकर सवाल उठाए। उनका कहना है कि जिन लोगों ने किसी मतदाता के वोट को गलत या खराब होने की बात कहते हुए आपत्ति दर्ज कराई है उनकी ओर से दर्ज कराई गई आपत्तियों की भी जांच जरूरी है। विधायक ने प्रशासन से मामले में निष्पक्षता बरतने की मांग की है।
गोपाल सिंह राणा ने कहा कि SIR की प्रक्रिया पूरी करने के लिए समय काफी सीमित है। ऐसे में संबंधित फॉर्म और सूचनाएं समय पर जारी होना जरूरी है ताकि मतदाताओं और अन्य संबंधित लोगों को अपनी स्थिति स्पष्ट करने का पर्याप्त अवसर मिल सके।
फॉर्म नंबर 13 और 14 जल्द जारी करने की मांग
विधायक ने प्रशासन से फॉर्म नंबर 13 और 14 जल्द से जल्द जारी करने की मांग की है। उनका कहना है कि समय कम होने के कारण प्रक्रिया में देरी से संबंधित लोगों को परेशानी हो सकती है। उन्होंने SIR की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से पूरा किए जाने पर जोर दिया।
प्रशासन ने भी स्पष्ट किया पक्ष
वहीं पूरे मामले को लेकर उपजिलाधिकारी खटीमा तुषार सैनी से भी बातचीत की गई। एसडीएम ने SIR के तहत नोटिस जारी किए जाने फॉर्म नंबर 13 और 14 तथा आपत्तियों से जुड़ी प्रक्रिया को लेकर प्रशासन का पक्ष स्पष्ट किया।
प्रशासन की ओर से प्रक्रिया के निर्धारित नियमों के अनुसार कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है। ऐसे में एक ओर विधायक ने आपत्तिकर्ताओं की भी जांच और प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग उठाई है वहीं प्रशासन ने SIR के तहत अपनाई जा रही प्रक्रिया को लेकर अपना पक्ष सामने रखा है।
फिलहाल SIR प्रक्रिया आपत्तियों और नोटिस को लेकर खटीमा में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। आने वाले दिनों में फॉर्म नंबर 13 और 14 जारी होने तथा आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया पर सभी की नजर बनी हुई है।