राम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट से जुड़े दो सदस्यों के इस्तीफे के बाद राम मंदिर दान प्रकरण को लेकर राजनीतिक और धार्मिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। इस मामले पर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
सीएम योगी की गंभीरता से SIT का गठन
स्वामी कैलाशानंद गिरि ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट राम मंदिर के निर्माण में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जांच के लिए समिति SIT का गठन किया है और जांच प्रक्रिया जारी है।
उन्होंने कहा कि जब तक जांच में किसी का नाम स्पष्ट रूप से सामने नहीं आता तब तक किसी पर आरोप लगाना उचित नहीं है। स्वामी कैलाशानंद गिरि ने विशेष रूप से चंपत राय जी के इस्तीफे का उल्लेख करते हुए कहा कि वे लंबे समय से राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण कार्य से जुड़े रहे हैं और उन्होंने इस कार्य में महत्वपूर्ण योगदान दिया है इसलिए उनके निर्णय को गंभीरता से देखा जाना चाहिए।
दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई
उन्होंने आगे कहा कि यदि जांच में कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो सरकार और संबंधित संस्थाएं उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगी। साथ ही उन्होंने यह भी संभावना जताई कि इस्तीफा सामाजिक प्रतिष्ठा को ध्यान में रखते हुए दिया गया हो सकता है।
स्वामी कैलाशानंद गिरि ने कहा कि जांच समिति अपना कार्य कर रही है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।